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अपने बच्चों को दे समय-समय पर गुड टच व बैड टच की जानकारी|

अनियमित मासिक स्राव एवं स्तन में गांठ का होना हो सकता है गर्भाशय या स्तन कैंसर का सूचक

कैंसर अब लाइलाज नहीं इससे घबराने की जरूरत नहीं

शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ को न ले हल्के में

मोटापा कम ,मासिक स्राव के साथ अनचाही जगहों पर बाल निकलना हो सकते हैं पीसीओडी का कारण

आरोग्यधाम ग्वालटोली के सौजन्य से आज सरस्वती महिला महाविद्यालय विजय नगर में गुड टच व बैड टच, अनियमित मासिक स्राव एवं व्यवस्थित दिनचर्या नामक विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शहर की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कंचन माला गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ होम्योपैथिक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती मोहन व डॉक्टर प्रिया रहेजा (कोऑर्डिनेटर शीलिंग हाउस एवं जयपुरिया स्कूल) उपस्थित रहें । इस अवसर पर सरस्वती महिला महाविद्यालय के प्रबंधक लायन बंदना निगम (आई पीडीजी) ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ कंचन माला गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को अनियमित मासिक स्राव एवं किसी भी तरह की गांठ को हल्के में नहीं लेना चाहिए, एवं तत्काल इसकी जांच अल्ट्रासाउंड एवं हार्मोन टेस्ट के द्वारा करानी चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ आरती मोहन ने बताया कि स्तनों में किसी भी तरीके की गांठ अगर लंबे समय तक बनी रहती है ,और वह अपनी जगह पर दृढ़ है, तो स्तन कैंसर की संभावना बन जाती है। मैमोग्राफी टेस्ट द्वारा इसकी जांच अवश्य कराएं। डॉक्टर प्रिया रहेजा ने बताया कि बच्चों को बचपन से ही उम्र के अनुसार गुड टच बैड टच की जानकारी समय-समय पर देते रहनी चाहिए, साथ ही उन्हें अनजान व्यक्तियों से एक निश्चित शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए सिखाना चाहिए। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं में धूप एवं विटामिन डी की कमी की वजह से महिलाओं में ल्यूकोरिया की शिकायत हो जाती है, जिस वजह से देश की 70% महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई जाती है, जिससे महिलाओं में कमर एवं जोड़ों के दर्द की शिकायत हो जाती है। अतः महिलाओं को नियमित दिनचर्या के साथ-साथ योग एवं व्यायाम के साथ दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए जिससे उनके शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉक्टर आरती मोहन ने बताया कि अनियमित मासिक स्राव में मैनोरेजिया के कारण महिलाओं का रक्त शरीर से बाहर चला जाता है, जिस कारण हमारे देश की 70% महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं ,इससे बचने के लिए महिलाओं को पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। डॉक्टर संतोष तिवारी ने बताया कि पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) में सही समय पर उचित होम्योपैथिक उपचार लेने पर आशातीत एवं चमत्कारिक परिणाम मिलते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ नीरु सिकोरिया ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन, डॉक्टर संतोष तिवारी, विद्यालय प्रबंधक लॉयन वंदना निगम, प्रिंसिपल डॉ नीरू सीकोरिया रुचिरा त्रिपाठी, भावना सिंह, मनोज सिंह, सरिता यादव , शिवम खन्ना, सौम्या समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक व स्टाफ एवं श्रोता गण उपस्थित रहे|

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