कानपुर: कैंट के गोलाघाट निवासी युवक की उन्नाव ले जाकर हुई हत्या की घटना का राजफाश शनिवार को हुआ था। इस वारदात को सहकर्मियों द्वारा अंजाम दिया था। मामले डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने घटना का राजफाश किया। दोनों आरोपियों को चेतन ग्राउंड और गोरा कब्रिस्तान से दबोचा गया।
डीसीपी ने बताया कि मृतक मोनू सिम पोर्ट का काम करता था। उसके साथ ही दो सहकर्मी आरोपित उन्नाव का बाबा कुटी निवासी बापन पाल और उन्नाव का चम्पापुरवा, राजीव नगर निवासी अतीत वर्मा उर्फ कार्तिक/बृजेश काम करते थे। उन्होंने पूछताछ में बताया कि मोनू उनके साथ अभद्र व्यवहार करता था। साथ ही उनके काम व एवज में मिले कमीशन को हड़प लेता था। मोनू उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था, हर जगह बेइज्जत करता था। यह सिलसिला करीब 10 सालों से चल रहा था। इससे आहत होकर उसे सुनियोजित तरीके से बुलाकर शराब पिलाकर उन्नाव ले गए थे। वारदात के लिए पहले ही सुनसान जगह थाना गंगाघाट (उन्नाव) के मरहाला नरबीजपुर गांव की ओर चुन ली थी।
बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए बीती 26 अप्रैल की रात करीब 8:30 से 9:30 बजे के बीच वह मोनू को शराब पिलाकर नरबीजपुर गांव की ओर जाने वाली सुनसान सड़क पर ले गए। फिर उसकी आंखों और चेहरे पर फ़ाग स्प्रे कर दिय। जिससे वह कुछ देख न सके। फिर दोनों डंडों से पीटते रहे। जिससे मोनू की मौत हो गई। आरोपितों के पास से फ़ाग स्प्रे, दो डंडे, मृतक का मोबाइल, शराब की कैन, आटो और बाइक बरामद हुई है। मामले में दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















