ललितपुर।किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह की 119वीं जयन्ती गुरूवार को स्टेशन रोड स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बड़े ही धूमधाम से मनायी गयी। जयन्ती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी श्याम सुन्दर सिंह मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता फूलसिंह नन्ना ने की। इस दौरान वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुये पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह द्वारा किसानों की उन्नति में दिये गये अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुये उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक उपरान्त बाइक रैली भी निकाली गयी। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुन: सपा कार्यालय पर आकर समाप्त हुयी।
मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी श्याम सुन्दर सिंह ने कहा कि बाबूगढ़ छावनी के निकट नूरपुर गांव, तहसील हापुड़, जनपद गाजियाबाद, कमिश्नरी मेरठ में काली मिट्टी के अनगढ़ और फूस के छप्पर वाली मढ़ैया में 23 दिसम्बर,1902 को आपका जन्म हुआ। चौधरी चरण सिंह के पिता चौधरी मीर सिंह ने अपने नैतिक मूल्यों को विरासत में चरण सिंह को सौंपा था। चरण सिंह के जन्म के 6 वर्ष बाद चौधरी मीर सिंह सपरिवार नूरपुर से जानी खुर्द के पास भूपगढी आकर बस गये थे। यहीं के परिवेश में चौधरी चरण सिंह के नन्हें ह्दय में गांव-गरीब-किसान के शोषण के खिलाफ संघर्ष का बीजारोपण हुआ। आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा लेकर 1928 में चौधरी चरण सिंह ने ईमानदारी, साफगोई और कर्तव्यनिष्ठा पूर्वक गाजियाबाद में वकालत प्रारम्भ की। वकालत जैसे व्यावसायिक पेशे में भी चौधरी चरण सिंह उन्हीं मुकद्मों को स्वीकार करते थे जिनमें मुवक्किल का पक्ष न्यायपूर्ण होता था। कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन 1929 में पूर्ण स्वराज्य उद्घोष से प्रभावित होकर युवा चरण सिंह ने गाजियाबाद में कांग्रेस कमेटी का गठन किया। 1930 में महात्मा गाँधी द्वारा सविनय अवज्ञा आन्दोलन के तहत् नमक कानून तोडने का आह्वान किया गया। अध्यक्षता करते हुये फूलसिंह नन्ना ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की विरासत कई जगह बंटी। आज जितनी भी जनता दल परिवार की पार्टियाँ हैं, उड़ीसा में बीजू जनता दल हो या बिहार में राष्ट्रीय जनता दल हो या जनता दल यूनाएटेड ले लीजिए या ओमप्रकाश चौटाला का लोकदल, अजीत सिंह का राष्ट्रीय लोक दल हो या समाजवादी पार्टी हो, ये सब उन्हीं की विरासत हैं। इस दौरान प्रसन्न जैन नौहरकलां, ज्योति सिंह लोधी, अन्नू अडजरिया, रामाविलास रजक, मुन्ना रजक, अशोक कुशवाहा, शाकिर अली, अनुराग खरे, लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा, शत्रुघन यादव, कृष्ण स्वरूप निरंजन, संजू बरार, विजय यादव, गोविंद यादव, मान सिंह खैरा एड., विजयभान सिंह, रामदास श्रोति, प्रदीप जैन, पूजा यादव, नितेश रजक, नीलू कुशवाहा, अमर सिंह, रियाज मंसूरी, हरीसिंह यादव, नरेन्द्र राजपूत, ब्रजेन्द्र सिह, भूपेन्द्र सोनी, नीलू रजक, राघवेन्द्र सिह, रविकान्त श्रीवास, रामन सिंह, आधार सिंह, मूरत सिंह, आकाश रजक, महीप सिंह यादव, शीलचन्द, अनिल अहिरवार, रहीश यादव, राघवेंद्र यादव, महेन्द्र, प्रभुदयाल, राजबहादुर, सन्तराम यादव, विक्की जैन, अक्षय साहू, शाददाम खान, शारुख खान अमन रजक, संदीप, नवल किशोर, शैलेन्द्र यादव, दरियाव सिंह, अशोक कुशवाहा, निक्की यादव, मोहसिन अली के अलावा अनेकों सपाई मौजूद रहे।
मु0 जाकिर मंसूरी


















