सड़कों को गड्डा मुक्त बनाने का सरकार का दावा हवा में
सड़क में गड्ढे या गड्ढे में सड़क पता लगाना मुश्किल
बेमौसम बरसात ने खोली सड़कों की पोल
आधा दर्जन गांवों को जोड़ने बाली सड़क की हालत खराब
लोग कीचड़ में चलने को मजबूर
ग्रामीणों में खासा आक्रोश,भाजपा सरकार के मंत्री को कई बार दिए शिकायती पत्र अब सड़क नही तो चुनाव नही
सड़क खराब होने से ग्रामीणों को तहसील,ब्लॉक मुख्यालय या समुदायक स्वास्थ केंद्र सड़क मड़ावरा पहुचना पूरी तरह बंद हो जाता है।
ललितपुर-ललितपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र धवा-रखवारा की मुख्य सड़क व संपर्क मार्गों की मरम्मत कर गड्ढा मुक्त करने का सरकारी दावा बारिश चंद बेमौसम बरसात की बूंदो में ही बह गया। बेमौसम शुरू हुई हल्की बूंदा बाँदी होते ही मड़ावरा से धवा रखवारा की खस्ताहाल सड़क पर जगह-जगह जलभराव और गंदगी होने लगी है। पिछले कई वर्षों से खराब पड़ी सड़क के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाई गई हर घर जल योजना के तहत नियम विरुद्ध तरीके से सड़क के बिल्कुल सटके खोदी गयी नाली की मिट्टी सड़क पर फैल गयी जिससे सड़क पर डामर नही सिर्फ मिट्टी ही मिट्टी दिख रही है। शासन-प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ललितपुर जिले के मड़ावरा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग बदहाल हैं।इन मार्गों से वाहनों की आवाजाही तो दूर पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है।
बारिश में तो हाल बद से बदतर होता ही है,लेकिन अगर बेमौसम अगर हल्की बारिश हो जाये तो भी धवा रखवारा समेत दर्जनों गांवों के लोगो को तहसील ब्लॉक मुख्यालय या समुदायक स्वास्थ केंद्र सड़क मड़ावरा पहुचना पूरी तरह बंद हो जाता है। जिससे स्कूली छात्र छत्राओं का स्कूल पहुचना पूरी तरह बंद तो वही आम आदमी न तो स्वास्थ सेवायें ले सकता है, ना ही किसी सरकारी काम से या अपने निजी काम के लिए तहसील मुख्यालय पहुच सकता है।हालांकि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के उद्देश्य से लोकनिर्माण विभाग द्वारा हर साल पैच वर्क कराया जाता है।लेकिन हकीकत यह है,कि ज्यादातर स्थानों पर मरम्मत का काम कागजों में ही सिमटकर रह जाता है।कई सड़कों पर घटिया निर्माण सामग्री डालकर इतिश्री कर ली जाती है।
लेकिन ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायते उच्च अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक जो की वर्तमान में श्रम एवं सेवा योजना राज्य मंत्री मनोहर लाल पंत से मौखिक व लिखित तौर पर की है,लेकिन अभी तक कोई कार्य उक्त सड़क पर नही किया गया।जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के लोग भुगत रहे है।धवा रखवारा गांव की सड़क कई वर्षों से बनी ही नहीं है।पांच वर्षों से अधिक समय हो गया न ही पैचवर्क किया गया और न ही डामरीकरण।ग्रामीणों का कहना है धवा रखवारा समेत दर्जनों गाँवो को जोड़ने बाली सड़क पर जलभराव और मिट्टी है,जिसमे नाम मात्र को भी डामर दिखाई नही पड़ता क्योंकि कंही-कंही सड़क में 2 से 3 फिट गहरे बड़े-बड़े गड्ढे साफ देखे जा सकते है। कई बार शासन से लेकर उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।


















