कानपुर-पांडू नगर स्थित सैफरन हाइट्स (भवन संख्या 117/एच-1/228) के निवासियों ने बिल्डर्स ‘अर्बन क्यूब रियल्टी डेवलपर्स’ पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण कराने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है सैफरन हाइट्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा कानपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर केडीए की नियमावली के उल्लंघन से लेकर निवासियों को दी जाने वाली धमकियों तक के मामलों को उजागर किया गया है सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) द्वारा स्वीकृत चौथी मंजिल के मानचित्र के विपरीत भवन में पाँचवीं, छठवीं और सातवीं मंजिल का अवैध निर्माण कराया जा रहा है इस अवैध निर्माण के कारण सोसाइटी के निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके प्रमाण के रूप में उनके पास वीडियो उपलब्ध हैं निवासियों का आरोप है कि बिल्डिंग में अग्निशमन (फायर फाइटिंग) की कोई व्यवस्था नहीं की गई है इसी लापरवाही के कारण 23 जून 2026 को इमारत में भीषण आग लग गई थी हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुँचा, जिसकी भरपाई बिल्डर्स द्वारा नहीं की गई अग्निशमन व्यवस्था कराने की माँग करने पर बिल्डर्स द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया इसके अलावा, घटना के दो दिन बाद बिल्डर्स अनिल चंदानी व अनिल गुरनानी ने बिल्डिंग परिसर में आकर महिलाओं व बच्चों के साथ गाली-गलौज की, जिसके संबंध में थाना काकादेव में शिकायत दर्ज कराई गई है प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शिकायत करने पर सोसाइटी के सदस्य आशीष दयाल को जान से मारने और 24 घंटे के अंदर घर से उठाने की धमकी दी गई, साथ ही प्रदीप गुप्ता को भी धमकी का सामना करना पड़ा निवासियों ने बिल्डर्स पर निम्नलिखित अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं वर्ष 2021 से हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स जमा नहीं किया गया है, जिसके कारण फ्लैट ओनर्स का दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है सुरक्षा एवं पावर बैकअप का अभाव: सीसीटीवी कैमरे की कोई व्यवस्था नहीं थी जिसे निवासियों ने अपने खर्च पर लगवाया बिल्डिंग में पावर बैकअप या जनरेटर की सुविधा भी नहीं दी गई है 20 गाड़ियों की पार्किंग का वादा किया गया था, जबकि वर्तमान में मुश्किल से 14-15 गाड़ियाँ ही पार्क हो पाती हैं सैफरन हाइट्स वेलफेयर सोसाइटी के निवासियों ने प्रशासन और मीडिया से इस मामले में हस्तक्षेप कर बिल्डर्स की प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















