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जिसकी हत्या में दो भाई इस समय है जेल में वो बहन जिंदा पहुंची घर

 

कानपुर में एक बहन राखी एक साल बाद जब अपने बच्चों को लेकर दीपावली की भैया दूज पर अपने दोनों भाइयों को टीका करने के लिए गांव पहुंची तो यह सुनकर हैरान रह गई कि वह जिन भाइयों का टीका करने आई है उनको तो उसके पति ने ही उसके ही अपहरण के लिए पहले से ही जेल में बंद करा रखा है। इतना ही नहीं उसके अपहरण के आरोप में जेल जाने से बचने के लिए उसकी मां पिता और रिश्तेदार भागे घूम रहे हैं और तो और उसके अपहरण के मामले की जांच उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुख्यालय से कराई जा रही है। जिसके लिए एडीजी जोन के निर्देश में क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। और तो और उसको बरामद न कर पाने पर एक दरोगा सस्पेंड हो चुका है। और दो थाना प्रभारियों का ट्रांसफर हो चुका है। पुलिस अब इस महिला को बच्चों के साथ कोर्ट में पेश करके हाई कोर्ट में इसके बरामद होने के दस्तावेज पेश करेगी। क्योंकि मामले की जांच हाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है।

कानपुर के शिवराजपुर के रहने वाले श्याम नारायण अग्निहोत्री की शादी कुछ साल पहले रनिया की रहने वाली राखी से हुई थी शादी के बाद एक-एक करके उनको तीन बच्चे हो गए लेकिन इधर 17 मई 2023 में अचानक राखी एक दिन अपने तीनों बच्चों के साथ घर से गायब हो गई थी। पति ने अपनी पत्नी और बच्चों को पत्नी के मायके वालों पर अपहरण का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने जांच की तो महिला और बच्चों का कुछ पता नहीं चला, तो उसने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद पति श्याम नारायण हाईकोर्ट चला गया और हाई कोर्ट के आदेश पर फिर पुलिस ने दूसरे विवेचक से जांच शुरू करवाई, उसके बाद मामला डीजीपी मुख्यालय तक पहुंचा जहां हाई कोर्ट ने डीजीपी मुख्यालय को जांच करने के लिए आदेश दिए थें। इसके बाद दूसरा विवेचक़ भी बदल दिया गया, फिर तीसरे विवेचक़ ने अपहरण के आरोप में महिला राखी के भाई राजू दुबे और अशोक को जेल भेज दिया।

दीपावली की भैया दूज संडे को थी। उसी संडे को अचानक राखी अपने तीनों बच्चों को लेकर अपने मायके में भाइयों को भाई दूज का टीका करने आई। इसकी सूचना शिवराजपुर पुलिस को मिली तो यहां की पुलिस टीम तुरंत पहुंची। और महिला व बच्चों को बरामद करके थाने ले आई। जबकि एडीसीपी बृजेंद्र द्विवेदी का कहना है एक महिला 1 साल पहले अपने बच्चों के साथ घर से चली गई थी इस मामले में पति ने उसके अपहरण का मुकदमा ससुराल वालों पर लिखवाया था। जिसमें उसके दो भाई जेल में बंद हैं। महिला अपने बच्चों के साथ बरामद हो गई है इसको कोर्ट में पेश करने और उसके बयान कराने के बाद आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।

अब बड़ा सवाल है कि ज़ब राखी का अपहरण ही नहीं हुआ तो उसके भाई 3 महीने से जेल में क्यों बन्द है।
17 महीने से पुलिस राखी को क्यों नहीं खोज पायी। डीजीपी मुख्यालय से जांच की नौबत क्यों आ गयी, और अब अगर राखी के भाई जेल से रिहा होते है तो बेगुनाह होते हुए भी जेल में इतने दिन रहने की सज़ा किसको मिलेगी। ये तमाम सवालात है जिनके जवाब कानपुर पुलिस को देर सवेर देने ही होंगे।

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