कानपुर,आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) पूरे देश में वार्षिकोत्सव का पर्व मना रहा है इसी श्रृंखला में आज कानपुर नगर की पशुपति नगर शाखा द्वारा वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। जहां खेल,योग प्राणायाम,विभिन्न आसन,सूर्य नमस्कार,गणगीत सामूहिक,सुभाषित,परिचय,अमृत वचन,एकल गीत आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर बौद्धिक प्रमुख कृष्ण कुमार द्वारा कार्यक्रम को आरंभ किया गया। इस वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लोक भारती के उप संपादक शिशिर अवस्थी को आमंत्रित किया गया। जिन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारी,स्वयंसेवकों तथा बाल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा हमारे जीवन में शाखा का क्या महत्व है,युवाओं को बड़ी संख्या में शाखा से जोड़ने के लिए भी उन्होंने जोर डाला उन्होंने कहा हिंदुत्व तथा सनातन के साथ- साथ अपने शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिए आर एस एस एक अच्छा संगठन है। जिससे हमारे आने वाली पीढ़ी को संस्कार तथा शिष्टाचार भी प्राप्त होते हैं। संघ द्वारा संचालित कौशल विकास तथा स्वरोजगार के प्रयासों की भी उन्होंने बहुत सराहना की। इसके पश्चात संघ के नगर बौद्धिक प्रमुख कृष्ण कुमार द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय उपस्थित सभी को दिया गया। उन्होंने बताया शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए समाजिक शारीरिक बौद्धिक सेवा और संगठनात्मक पांच पहलुओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिसे हम सभी शाखों पर बढ़ावा एवं जागरूकता देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया संघ के इन पंचमुखी कार्यों को प्रभावी रूप से सभी जगह प्रसारित किया जा रहा है जिसमें कार्य विस्तार गुणवत्ता,समाज परिवर्तन,कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण,स्वदेशी भाव जागरण,नागरिक शिष्टाचार,विमर्श,सज्जन शक्ति आदि प्रमुख बिंदु है जिन पर संघ कार्य कर रहा है। इसके पश्चात अनिल शिव जी द्वारा शाखा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसकी रूपरेखा अनिल जी मुख्य शिक्षक द्वारा बताई जा रही थी। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों द्वारा प्रार्थना की गई। इसके पश्चात बाल स्वयंसेवकों के खेल और व्यायाम में प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि शिशिर अवस्थी द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। इसके पश्चात कार्यकम में उपस्थित सभी को मिष्ठान का वितरण किया गया इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सत्यम शुक्ला,प्रशांत दुबे,कैलाश अवस्थी,विनय त्रिवेदी, मुकेश,अनिल,विजय,वरदान, राजेश,किशोरी शरण,देव,संजय,हर्ष,आकाश,अभिनंदन इत्यादि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



















