नेहा जखोडिया फाइनेंशियल एडवाइजर
बजट 2025: म्यूचुअल फंड उद्योग पर कैसा होगा असर
एक नजर निवेशकों के लिए
हर साल की तरह, इस साल भी बजट 2025 की घोषणा हो चुकी है। इस बजट में म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा। आइए, इन बदलावों और उनके संभावित प्रभावों पर एक नजर डालते हैं:
क्या बदला, क्या नहीं?
इस बजट में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पर कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। यानी, इक्विटी फंड्स पर लगने वाला टैक्स पहले की तरह ही है। यह निवेशकों के लिए एक राहत की खबर है, क्योंकि किसी भी नकारात्मक बदलाव से बाजार में अस्थिरता आ सकती थी।
हालांकि, कुछ जानकारों का मानना है कि सरकार ने बाज़ार को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं दिया। म्यूचुअल फंड उद्योग लंबे समय से टैक्स में कुछ राहत की उम्मीद कर रहा था, जो इस बजट में पूरी नहीं हुई।
डेट फंड्स पर टैक्स का असर
डेट म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब डेट फंड्स से होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि अब चाहे आप कितने भी समय के लिए डेट फंड में निवेश करें, आपको उस पर इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। यह बदलाव डेट फंड निवेशकों के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है, क्योंकि इससे उनकी कमाई पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है।
क्या होगा निवेशकों पर असर इक्विटी फंड निवेशक: इक्विटी फंड निवेशकों के लिए फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। उनका निवेश पहले की तरह ही जारी रहेगा।
* *डेट फंड निवेशक:* डेट फंड निवेशकों को अब अपनी निवेश रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा। नए टैक्स नियमों के अनुसार, डेट फंड्स में निवेश अब उतना आकर्षक नहीं रह गया है जितना पहले था।
*आगे की राह:*
बजट 2025 में म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए कुछ सकारात्मक और कुछ नकारात्मक पहलू हैं निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी वित्तीय स्थिति और लक्ष्यों के अनुसार निवेश निर्णय लें किसी भी निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित होगा। बाजार की गतिशीलता को देखते हुए, निवेशकों को धैर्य और समझदारी से निवेश करना चाहिए।


















