चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के उद्यान महाविद्यालय, स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, सीएसजेएमयू कानपुर तथा कानपुर फ्लोरीकल्चर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में “सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग के लिए सजावटी पौधे” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन सीएसए के प्रसार निदेशालय में किया गया। कार्यक्रम में सीएसजेएमयू तथा सीएसए के लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने अपने उद्बोधन में पुष्पोत्पादन के बढ़ते आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फूलों की खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं किसानों से आधुनिक फ्लोरीकल्चर तकनीकों को अपनाकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पुष्पों में एक दूसरे के प्रति प्रतिस्पर्धा भाव न होकर समरसता का भाव होता है, जो हमको भी सीखना चाहिए।कार्यक्रम के संयोजक एवं निदेशक प्रसार प्रो. (डॉ.) वी. के. त्रिपाठी ने विभिन्न प्रकार के पॉटिंग मिश्रण, गमलों की तैयारी, पौधों के उचित रख-रखाव तथा सजावटी पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही पॉटिंग तकनीक पौधों की स्वस्थ वृद्धि एवं आकर्षक सौंदर्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, सीएसजेएमयू के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी ने लैंडस्केपिंग की आधुनिक अवधारणाओं पर व्याख्यान देते हुए परिसर, पार्क, संस्थानों एवं शहरी क्षेत्रों में हरित एवं आकर्षक वातावरण विकसित करने में सजावटी पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को लैंडस्केप डिजाइन एवं ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों की भी जानकारी दी।
कानपुर फ्लोरीकल्चर सोसायटी की सचिव श्रीमती राजश्री डालमिया ने भी सजावटी पौधों के संरक्षण, संवर्धन तथा शहरी एवं घरेलू बागवानी में उनके महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार के भी उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. साधना वैश्य, कृषि विज्ञान केंद्र, फतेहपुर , डॉ. साची गुप्ता, सहायक आचार्य, नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या तथा डॉ वाय.सी. गुप्ता ने विषय वस्तु से संबंधित अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए।संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया तथा सजावटी पौधों की उन्नत तकनीकों से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह , डॉ। विनोद प्रकाश, डॉ. पी के राठी,डॉ. विजय कुमार कन्नौजिया तथा शिक्षकों की उपस्थिति रही।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















