कानपुर के थाना रावतपुर क्षेत्र के नमक फैक्ट्री चौराहे पर बैंक की लोन न चुकाने पर बैंक अधिकारियों ने एसीजेएम फस्ट कोर्ट के आदेश से पुलिस ओर प्रशासन की मदद से मकान खाली कराकर कब्ज़ा कर लिया। प्रशासन की मानें तो रिकवरी नोटिस के बाद भी लोन नहीं चुकाया था ।
नमक फैक्ट्री क्षेत्र में उस समय लोगों में सनसनी फैल गयी जब थाना रावतपुर पुलिस एवं पीएसी पुलिस बल के साथ बैक के अधिकारी पहुंचे और पुलिस की मदद से मकान में रह रहे लोगों को कड़ी चेतावनी देकर बामुश्किल बाहर निकाला उसके बाद बैंक अधिकारियों को कब्ज़ा दिलाया गया। पंजाब एंड सिंध बैंक गुमटी न.5 से नब्बे लाख का लिया था लोन बताया जाता है सूरज प्रसाद यादव ने मकान पर पंजाब एंड सिंध बैंक से नब्बे लाख का लोन लिया था रिकवरी नोटिस के बाद भी बैंक का लोन नहीं चुकाया । बैंक द्वारा कई बार मकान खाली के नोटिस दिए गए। मकान खाली न करने पर बैंक अधिकारी संग पीएसी और पुलिस फोर्स पहुंचा। पंजाब एंड सिंध बैंक प्रबंधक प्रकाश मिश्रा का कहना है बैंक से लोन लिया था न चुकाने पर बैंक द्वारा कई बार नोटिस दिए गए। इसके बाबजूद मकान खाली नहीं कर रहे थे। एसीजेएम फस्ट कोर्ट ने 3 दिसम्बर 2025 को मकान खाली कराने का आदेश दिया था लेकिन पुलिस की व्यस्ता के कारण मकान खाली नही किया जा सका था। पुलिस की मदद से 9 फरवरी 2026 को पुलिस बल एवं बैंक अधिकारी व अधिवक्ता कमिशनर रंगलाल,बैंक अधिवक्ता एडवाइजर नेहा परवीन अर्चना मिश्रा सुरेंद्र द्रिवेदी मुकेश दुबे के नेतृत्व मे मकान को खाली कराया गया। मकान खाली कराने के उपरांत पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर प्रकाश मिश्रा ने बताया कि नये मकान मालिक आनंद मिश्रा और रेनू मिश्रा को कब्ज़ा मुक्त कराकर उनको मकान कि चाभी दी गयी। वही चाबी मिलने के बाद भी पूर्व लोन बकायदार सूरज प्रसाद यादव ने दबंगई दिखाकर नये मकान मालिक आनंद मिश्रा और रेनू मिश्रा को मकान में न घुसने कि दे रहा है धमकी पीड़ित मकान मालिक ने मांगी पुलिस की मदद।
आमिर सोलंकी की रिपोर्ट


















