राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की अपील
सेनापतियों और शहीदों के योगदान का दिया हवाला
कानपुर नगर। शहर के ईसाई समाज ने देश के विभिन्न हिस्सों में समुदाय के विरुद्ध बढ़ रही हिंसक घटनाओं और नफरती बयानबाजी पर गहरा दुख व्यक्त किया है शांतिप्रिय मसीह समाज ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत उन्हें और उनके संस्थानों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएं विगत 18 से 26 जनवरी तक कानपुर के आठ विभिन्न गिरजाघरों में ‘विश्वव्यापी मसीह एकता अष्टक’ का आयोजन किया गया इन आठ दिनों में समाज के लोगों ने विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित कर देश में शांति, सौहार्द और कौमी एकता की कामना की। कार्यक्रम के अंतिम दिन उपस्थित जनसमूह ने एक साझा ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की, ज्ञापन में इस ओर ध्यान आकर्षित किया गया कि बीते दिसंबर माह में क्रिसमस के पावन पर्व के दौरान हिंसा और घृणा फैलाने वाली घटनाएं चरम पर थीं समाज का कहना है कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही न होने से उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं, जिससे शांतिप्रिय नागरिकों में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है ईसाई समाज ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया फैसलों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रार्थना के लिए एकत्रित होना या बाइबल पढ़ना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए, अन्यथा यह न्यायालय की अवमानना होगी, ज्ञापन में समाज के राष्ट्र निर्माण और रक्षा में योगदान को रेखांकित किया गया समाज ने गर्व के साथ याद दिलाया कि हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए मिजोरम के कैप्टन साइलो को कीर्ति चक्र से नवाजा गया इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फर्नांडीस और लेफ्टिनेंट जनरल इवान डिसूजा जैसे ईसाई सेनापतियों को परम विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत किया गया है शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में भी मसीह समाज सदैव अग्रणी रहा है।
प्रमुख मांगें धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक स्वास्थ्य संस्थानों को सुरक्षा प्रदान की जाए, नफरती भाषण देने वालों पर त्वरित कानूनी कार्यवाही हो, संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप बिना किसी भेदभाव के जीने और प्रार्थना करने का अधिकार सुनिश्चित हो ईसाई समाज के लोगों ने कहा कि हमारा समाज देश की प्रगति में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है हम बस इतना चाहते हैं कि हमें संविधान के अनुसार बिना किसी भय के रहने और अपनी आस्था का पालन करने का सुरक्षित वातावरण मिले ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से पास्टर जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















