पंजाब व हरियाणा के किसानों के आंदोलन के एक वर्ष होने के दिन कृषि उत्पाद से जुड़े व्यापारियों व अन्य व्यापारियों ने कृषि कानूनो को पूर्णतया समर्थन करते हुए भारत माता प्रतिमा स्थल,घण्टाघर से घण्टा घड़ियाल व शंख बजाते हुए पीपल वाली कोठी तक सडक़ं पर उतर कर विशाल सत्याग्रह प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च किया,समापन पर कृषि कानूनो के समर्थन व संशोधन को लेकर दो ज्ञापन एसीपी को सौंपे
आज भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री व उ प्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सरदार गुरुजिन्दर सिंह,युवा अध्यक्ष अतुल त्रिपाठी, युवा वरिष्ठ महामंत्री आशीष मिश्र, युवा महामंत्री सचिन त्रिवेदी व विनायक पोद्दार,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील मिश्र उपाध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ल,पवन गुप्ता, अजय गुप्ता राजू,अनुराग साहू,दिनेश गुप्ता,संतोष गुप्ता, विजय यादव ,अनुपम गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता ,हर्ष मोहन दुआ,श्याम गुप्ता,,महेश चौहान,शंकर लाल राठौर,अशोक अग्रहरि,अनिल गुप्ता,केशव गुप्ता, मो ताहिर ,सुशील गुप्ता,संजय गुप्ता, राजा गुप्ता,दीपू अग्रहरि ,नरेश अग्रहरि ,प्रखर श्रीवास्तव, नितिन शुक्ल ,प्रकाश गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता आदि पदाधिकारियों व कृषि उत्पाद से जुड़े व्यापारियों ने पंजाब व हरियाणा के किसानों के आंदोलन के एक वर्ष पूरे होने के दिन कृषि कानूनो को पूर्णतया समर्थन करते हुए भारत माता प्रतिमा स्थल,घण्टाघर से घण्टा घड़ियाल व शंख बजाते हुए पीपल वाली कोठी नयागंज तक सडक़ं पर उतर कर विशाल सत्याग्रह प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च किया।
समापन पर कृषि कानूनो के समर्थन व संशोधन को लेकर दो ज्ञापन ए सी पी को सौंपे ।
भारत माता प्रतिमा स्थल ,घण्टाघर पर एकत्र व्यापारी हाथों में ” हम सभी कृषि कानूनो का पूर्णतया समर्थन करते है “,” एक संशोधन -मंडियो के अंदर मंडी शुल्क 0 .25 प्रतिशत मंडी शुल्क लागू हो ” नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे और ” कृषि कानून लागू हो -लागू हो “, ” एक समाधान मंडियो में मंडी शुल्क कम हो -कम हो” आदि नारे लगा रहे थे और भारत माता प्रतिमा स्थल ,घण्टाघर से एक पैदल मार्च निकाला गया जो पीपल वाली कोठी नयागंज तक गया ,यहां पर पुलिस ने मार्च को रोक दिया और आगे न जाने के लिए मनाया और वही पर कृषि कानूनो के पूर्णतया समर्थन व संशोधन के दो ज्ञापन दिए गए।
भारत माता प्रतिमा स्थल पर सत्याग्रह प्रदर्शन के दौरान उ प्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने अपने सम्बोधन में कहा कि हम भारत सरकार द्वारा पूरे देश मे दिनांक 5 जून 2020 को ” कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन एवं सुविधा) 2020″सहित तीनो कृषि बिल के लागू होने का स्वागत व पूर्णतया समर्थन करते है जो 20 सितंबर 2020 को संसद में कानून बन गए।
इन कृषि कानूनो के 5 जून 2020 के अध्यादेश के माध्यम से आने से व उत्तर प्रदेश में लागू होने के उपरांत उत्तर प्रदेश में गल्ला मंडियों व सब्ज़ी मंडियों के बाहर कृषि उत्पाद की खरीद बिक्री पर मंडी शुल्क समाप्त हो गया और साथ मे मंडी समितियों के कई कागजातों की लंबी प्रक्रिया भी समाप्त हो गई। यहां तक कि मंडियों के बाहर कृषि उत्पादों की खरीद बिक्री के लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की ज़रूरत भी समाप्त हो गई यहां तक कि मंडी समिति के सचल दलों का उत्पीड़न भी समाप्त हो गया जिसका मंडी के बाहर व्यापार करने वाले गल्ला आदि खाद्य पदार्थ के व्यापारियों सहित किसानों को भी लाभ मिल रहा है ।
इसी तरह दूसरे कृषि बिल के कानून में देश मे एक बहुत पुराना कानून आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व इसकी धारा 3/7 की वजह से गल्ला आदि व मंडियो के अंदर व बाहर के व्यापारियों को स्टॉक रखने की आज़ादी नही थी इसे समाप्त करने की मांग भी पूरे देश के व्यापारी व हमारा संग़ठन भी कई वर्षों से कर रहा था क्योकि सन1955 से अब तक खाद्यान्न की पैदावार में भारी बढोत्तरी के साथ दुनिया मे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बहुत आसान होने की वजह से इस आवश्यक वस्तु अधिनियम की की ज़रूरत नही रह गई थी इसीलिए इन कृषि बिलो में से एक मे आवश्यक वस्तु अधिनियम को भी समाप्त कर दिया गया है।इन कृषि कानूनो का हमारा संग़ठन पूर्णतया स्वागत करता है।
तीसरे कृषि कानून में कही पर भी कांट्रेक्ट खेती में कुछ बड़ी कंपनियों द्वारा ज़मीन जाने की बात की आशंका व्यक्त की जा रही है जो कि बिल्कुल असत्य है जब कि किसान की मर्जी से अधिकतम पाँच वर्ष का अनुबंध होगा जो किसान चाहे करे या न करे ये किसान की मर्जी पर होगा ।
यह भी कहा कि इन कानूनो में एकमात्र संशोधन करते हुए उ प्र में कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम के अंतर्गत गल्ला व सब्ज़ी मंडियों में लागू मंडी शुल्क कम करके 0.25 प्रतिशत किया जाय ।
आगे कहा कि इन कृषि कानूनो के वापस होने पर मंडियो के बाहर मंडी अधिनियम लागू होने से मंडियो के बाहर गल्ला,दलहन ,तिलहन ,गुड़,किराना, रुई ,लकड़ी,फल व सब्ज़ी आदि में पुनः मंडी शुल्क लागू हो जाएगा जिससे इन जिंसों के बाज़ारो का व्यापार प्रभावित होगा।
इसलिए एक संशोधन के साथ इन तीनो कृषि कानूनो के समर्थन में हम कृषि उत्पादों से जुड़े व्यापारी लखनऊ ,दिल्ली तक जाकर सत्याग्रह प्रदर्शन करेंगे।



















