कानपुर__लूट में फ़र्ज़ी बरामदगी कर जेल भेजने का मामला।
पुलिस कमिश्नर असीम अरुण के आदेश के एक माह बाद भी नही दर्ज़ हुआ मुक़दमा।
सीपी असीम अरुण ने 8 दिन में जांच कर केस दर्ज करने के दिए थे आदेश।
एडीसीपी साउथ मनीष कुमार सोनकर कर रहे मामले की जांच।
दरोगा दयाशंकर ने अपने ही विभाग के इंस्पेक्टर,दरोगाओं की करतूतों का किया था खुलासा।
2014 में लूट के मामले में पुलिस ने फ़र्ज़ी बरामदगी कर तीन को भेजा था जेल।
तत्कालीन बर्रा एसओ संजय मिश्रा समेत दरोगा वीरेंद्र,शीतला प्रसाद व प्रमोद सिंह ने भेजा था जेल।
ज्वैलरी शॉप से जेवर खरीदकर पुलिस ने दिखाई थी बरामदगी।
तत्कालीन बर्रा एसओ व दरोगाओं ने मनोज गुप्ता,मोनू सिंह और नीतू नाई को फ़र्ज़ी भेजा था जेल।
दरोगा ने मामले को ईमानदारी,निष्पक्षता से दिखाने पर “मीडिया” को सैल्यूट करते हुए व्यक्त किया आभार।
रिपोट सागर गुप्ता


















