उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद मंडी परिषद द्वारा बाहर से आये, व्यापरियों से लिये जाने वाले मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया गया था। जिससे कि व्यापारियों को काफी राहत भी मिल रही थी,
लेकिन एक बार फिर से शासन के आदेशों के बाद मंडी समिति द्वारा शुल्क व जीएसटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत लगाने का निर्णय लिया है।
शासन के इस फैसले के बाद व्यापार खत्म हो जाएगा जीएसटी की दर को कम करवाने और मंडी शुल्क को हटवाने के उद्देश्य से आज अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक संबोधित ज्ञापन सौंपा है साथ ही उनका कहना है,
कि यदि शासन द्वारा लिया गया यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो हमारा आंदोलन और भी ज्यादा उग्र हो जाएगा।
राजू शर्मा
संवाददाता


















