फार्मर्स आउटलेट” में मिलेंगे जैविक फसल और उत्पाद उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग और श्री रविशंकर इइंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के साझा प्रयास से फार्मर्स आउटलेट का शुभारम्भ किया जा रहा है। गोविन्द नगर में फार्मर्स आउटलेट के माध्यम से प्रमाणित जैविक अत्पादों की श्रृंखला उपलब्ध है। फार्मर्स आउटलेट के माध्यम से जैविक खेती करने वाले किसान सीधे ग्राहकों से जुड़ सकेंगे और ग्राहक किसान से। नमामि गंगे कार्यक्रम की इस शुरुआत से जैविक खेती करने वाले किसानों के शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक फसल और उत्पाद नागरिकों को मिल सकेंगे। सरकार की इस पहल से एक तरफ किसानों को बिचौलियों से निजात मिलेगी तो दूसरी तरफ ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा। साथ ही साथ जैविक खेती से जमीन पानी और हवा सुरक्षित हो सकेगी। जानकार बताते हैं कि जैसे जैसे जैविक खेती बढ़ेगी तो बीन हाउस गैसों का प्रभाव कम होगा। यौन हाउस गैसो से होने वाले जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से बचाव किया जा सकता है। मिट्टी, पानी और हवा शुद्ध होने से जमीन की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और संहत की सुरक्षा के लिए ये बहुत जरूरी है भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार नमामि गंगे जैविक खेती कार्यक्रम संचालित कर रही है। कृषि विभाग की अगुवाई में चल रहे इस कार्ययोजना के तहत किसान समूहों का गहन, प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण के कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत जैविक खेती करके जो फसल उत्पाद किसान तैयार कर रहे हैं वही जैविक फसल और उत्पाद आपके बीच पहुँचाने के लिए आपके पास पहुँचाने के लिए आपके बीच फार्मर्स आउटलेट का शुभारम्भ किया जा रहा है अपनों की सेहत, खाने की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा के लिए आइये और इस मुहिम के जैविक साझीदार बनिए
नमामि गंगे योजना के अंतर्गत फार्मर्स आउटलेट का हुआ शुभारंभ


















