समय के साथ बदल रहा नजरिया, करवाचौथ पर पति-पत्नी एक साथ रख रहे व्रत करवाचौथ को हमेशा से महिलाओं के समर्पण और प्रेम के प्रतीक के रूप में देखा गया है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए करवाचौथ का व्रत रखती हैं। हालांकि समय के साथ यह बदल रहा है।
आज के समय में कई पति भी पत्नी के समर्पण का मान रखते हुए उनके लिए व्रत रख रहे हैं। नई पीढ़ी का मानना है कि त्याग और समर्पण केवल एक पक्ष से ही नहीं होना चाहिए इसमें पति-पत्नी दोनों की सहभागिता जरूरी है। आज हम ऐसे ही कुछ जोड़ों से आपको रूबरू करा रहे हैं जो इस पर्व में भी एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। सामूहिक करवाचौथ पूजन कर सुनी कथाः शुक्रवार को सामूहिक करवाचौथ पूजन का आयोजन हुआ। दिन भर निर्जला व्रत रखकर शाम को पूजा की। इसके बाद चांद को देखकर अर्घ्य दिया।



















