केसीएएस सीपीई स्टडी सर्कल, कानपुर द्वारा कानपुर के कैप्सूल रेस्तरां में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय “सरकारी अनुदान और सब्सिडी और सीए पेशे में सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया” था।
इस सेमिनार में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और अन्य प्रोफेशनल्स के लिए सीए नवीन अग्रवाल ने सरकारी अनुदान और सब्सिडी पर और सीए ध्रुव गोयल ने ” सीए पेशे में सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया” पर चर्चा की।
सत्र का कुशल संचालन सीए प्रशांत रस्तोगी, कन्वीनर, द्वारा किया गया। सीए नितिन सिंह, डिप्टी कन्वीनर, ने सभी का स्वागत किया और धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। ,
सत्र की अध्यक्षता सीए शरद शेखर श्रीवास्तव ने की, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ” सरकारी ग्रांट्स और सब्सिडी योजनाएं आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन हैं। सीए प्रोफेशनल्स इनके कार्यान्वयन, ऑडिट और जागरूकता में योगदान दे सकते हैं। पीयर रिव्यू प्रक्रिया गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है, जिससे प्रोफेशनल्स स्टैंडर्ड्स का पालन कर क्लाइंट्स और नियामक संस्थाओं का भरोसा जीत सकते हैं। ”
सेमिनार की मुख्य विशेषताएं
1. सरकारी अनुदान और सब्सिडी पर चर्चा
सीए नवीन अग्रवाल, , ने सरकारी ग्रांट्स और सब्सिडी योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्रांट्स गैर-वापसी योग्य वित्तीय सहायता हैं, जो अनुसंधान, शिक्षा, सामाजिक कार्य, और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में दी जाती हैं। उदाहरण के लिए, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत 20-50 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध है। वहीं, सब्सिडी उत्पादों या सेवाओं की लागत कम करने के लिए दी जाती है, जैसे पीएम स्वनिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को 7% ब्याज सब्सिडी। नवीन अग्रवाल ने बताया कि 2021 के केंद्रीय बजट में इन योजनाओं के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) ने इनकी पारदर्शिता बढ़ाई है।
उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से बताया। पात्रता जांच के बाद आवेदन ऑनलाइन पोर्टल्स जैसे services.india.gov.in, myScheme.gov.in, startupindia.gov.in (स्टार्टअप्स के लिए), या kviconline.gov.in (एमएसएमई के लिए) पर जमा किए जा सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जिला कार्यालयों का उपयोग किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार, बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र, और प्रोजेक्ट प्रस्ताव शामिल हैं। सत्यापन के बाद DBT के माध्यम से 15-90 दिनों में धनराशि ट्रांसफर हो जाती है। कुछ प्रमुख योजनाएं:
पीएमईजीपी: एमएसएमई के लिए 15-35% सब्सिडी।
असिस्टेंस टू डिसएबल्ड पर्सन्स: विकलांगों के लिए 25,000 रुपये तक लोन/ग्रांट।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: शिक्षा सहायता।
नवीन अग्रवाल ने सीए प्रोफेशनल्स के लिए अवसरों पर कहा की उनकी फाइनेंशियल गवर्नेंस, ऑडिट, और टैक्सेशन स्किल्स सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन, फॉरेंसिक ऑडिट, और बजट विश्लेषण में महत्वपूर्ण हैं। CAG, RBI, SEBI, और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स में ऑडिटर या फाइनेंशियल मैनेजर की भूमिकाएं उपलब्ध हैं ।
2. सीए पेशे में सहकर्मी समीक्षा (पीयर रिव्यू) पर चर्चा”
सीए ध्रुव गोयल ने पीयर रिव्यू प्रक्रिया को सीए प्रोफेशन में गुणवत्ता और नैतिकता का आधार बताया। उन्होंने बताया कि यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें एक स्वतंत्र सीए (रिव्यूअर) द्वारा प्रैक्टिस यूनिट के ऑडिट, अकाउंटिंग, और टैक्सेशन कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाती है। यह ICAI द्वारा स्थापित स्टैंडर्ड्स ऑन ऑडिटिंग (SA), अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (AS), और कोड ऑफ एथिक्स के अनुपालन को सुनिश्चित करता है। रिव्यूअर ऑडिट वर्किंग पेपर्स, फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, और आंतरिक क्वालिटी कंट्रोल प्रक्रियाओं की जांच करता है।
रिव्यू के बाद, एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें ताकत, कमियां, और सुधार के सुझाव शामिल होते हैं। गंभीर कमियों के मामले में प्रैक्टिस यूनिट को सुधार का समय दिया जाता है। सफल रिव्यू के बाद 3 साल तक वैध पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है, जो फर्म की विश्वसनीयता बढ़ाता है। यह सर्टिफिकेट बैंक ऑडिट और PSU ऑडिट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए अनिवार्य है।
ध्रुव गोयल ने बताया कि पीयर रिव्यू से प्रोफेशनल्स को नवीनतम स्टैंडर्ड्स के बारे में अपडेट रहने, नेटवर्किंग, और बड़े असाइनमेंट्स प्राप्त करने में मदद मिलती है। पीयर रिव्यूअर बनने के लिए 7-10 साल का अनुभव, ICAI का प्रशिक्षण, और कोड ऑफ एथिक्स का पालन आवश्यक है। यह अतिरिक्त आय और प्रोफेशनल प्रतिष्ठा का स्रोत भी है।
सेमिनार में प्रमुख रूप से सीए राजीव गुप्ता, सीए पंकज गुप्ता, सीए दिनेश भदौरिया, सीए अतुल मेहता, सीए हर्षित गुप्ता, सीए अजय गौड़ , सीए सुधीर गुप्ता के साथ-साथ अंकुर गोयल व अन्य कई प्रतिष्ठित सीए ने भी इस सेमिनार में भाग लिया।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट….



















