कानपुर का चकेरी थाना रविवार की देर शाम एक अखाड़े में तब्दील हो गया। मामला महज एक गलतफहमी से शुरू हुआ, लेकिन देखते ही देखते इसने सियासी रंग ले लिया। रामादेवी चौकी प्रभारी और एक भाजपा कार्यकर्ता के बीच हुई झड़प ने पुलिस प्रशासन की सांसें फूला दीं। आरोप है कि पुलिस ने अपने पिता को खाना देने गए भाजपा कार्यकर्ता को जुआरी समझकर न सिर्फ उठाया, बल्कि चौकी में उसकी जमकर खातिरदारी भी कर दी।
जानकारी के अनुसार सफीपुर निवासी भाजपा कार्यकर्ता सौरभ निषाद रविवार शाम वह अपने पिता राजकुमार के लिए घर से खाना लेकर निकले थे। उनके पिता रामादेवी स्थित माधवी अस्पताल के पास मौजूद थे। सौरभ ने अपनी बाइक हाईवे किनारे खड़ी की ही थी कि वहां रामादेवी चौकी प्रभारी कुलदीप यादव अपने हमराही सिपाहियों के साथ पहुंच गए।
उस इलाके में अक्सर जुआ होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। पुलिस को लगा कि सौरभ भी जुआरियों के गिरोह का हिस्सा है। आरोप है कि सौरभ ने सफाई देने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक न सुनी और उन्हें जबरन गाड़ी में ठूंस लिया। आरोप है कि चौकी ले जाकर दरोगा कुलदीप यादव और तीन सिपाहियों ने उन्हें थप्पड़ों से पीटा और अभद्रता की।
भाजपा कार्यकर्ता की पिटाई की खबर आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता चकेरी थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया। माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्र भाजपाइयों को समझा रहे थे, तभी वहां चौकी इंचार्ज कुलदीप यादव नजर आ गए।
कुलदीप यादव को देखते ही भाजपाई आपा खो बैठे। थाने के भीतर ही भाजपाइयों ने चिल्ला कर कहा कि “इसका वीडियो बनाओ… यादव होकर गुंडई करेगा, ये भाजपा की सरकार है…. स्थिति को भांपते हुए वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने समझदारी दिखाई और तुरंत चौकी इंचार्ज को इशारे से वहां से हट जाने को कहा। भारी हंगामे के बीच इंचार्ज को वहां से खिसकना पड़ा।
करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक थाने में हंगामा चलता रहा। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चकेरी एसीपी अभिषेक पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित कार्यकर्ताओं को शांत कराया और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। एसीपी ने कहा कि अगर पुलिसकर्मियों की गलती पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















