सोमवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 05 पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मामला देश की प्रीमियम ट्रेन 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन के ऑटोमेटिक दरवाजे एक यात्री के लिए उस वक्त मुसीबत बन गए, जब उसने नियमों की अनदेखी की और वह ट्रेन में चढ़ने के दौरान फिसलकर गिर गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
नई दिल्ली से बनारस जा रहे यात्री नितिन चंदना जो कोच संख्या C-8 में सफर कर रहे थे, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान कुछ सामान लेने के लिए प्लेटफार्म पर उतरे। चूँकि वंदे भारत एक्सप्रेस के दरवाजे पूरी तरह से ऑटोमेटिक हैं, यात्री के वापस चढ़ने से पहले ही वे बंद हो गए और ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रेंगने लगी।
बंद दरवाजों को देख यात्री घबरा गया और ट्रेन के साथ-साथ प्लेटफार्म पर दौड़ने लगा। प्लेटफार्म पर तैनात आरपीएफ स्टाफ ने उसे चिल्लाकर मना किया और खतरे के प्रति आगाह किया, लेकिन हताश यात्री ने चेतावनी अनसुनी कर दी। ट्रेन के आखिरी हिस्से में गार्ड का डिब्बा खुला देख उसने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की।
यही वह पल था जब हादसा हुआ। यात्री का हाथ फिसला और वह संतुलन खोकर प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच के गैप में जा गिरा। वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
मौके पर बन्दोबस्त ड्यूटी में तैनात हेड कांस्टेबल रवि प्रताप राय और अन्य आरपीएफ स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए अद्भुत तत्परता दिखाई। उन्होंने बिजली की फुर्ती से यात्री को ट्रैक और ट्रेन के बीच से खींचकर सुरक्षित प्लेटफार्म पर निकाल लिया। यदि इसमें चंद सेकंड की भी देरी होती, तो परिणाम भयावह हो सकते थे।
गनीमत रही कि यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई। आरपीएफ ने तुरंत उनसे प्राथमिक उपचार के लिए पूछा, लेकिन नितिन चंदना ने खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया। मौत को इतने करीब से देखने के बाद यात्री ने आरपीएफ स्टाफ, विशेषकर हेड कांस्टेबल रवि प्रताप राय का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया और अपनी यात्रा नई दिल्ली से बनारस के लिए रवाना हुए।
मोहम्मद नाइक की रिपोर्ट


















