रिटायर्ड SBI कर्मी के घर से उड़ाए थे गहने, मां के जरिए सुनार तक पहुँचाया माल, 75% जेवर बरामद।
पुलिस ने माल खरीदने वाले सुनार समेत तीन को दबोचा।
कानपुर की थाना जाजमऊ पुलिस ने रिटायर्ड एसबीआई बैंककर्मी के बंद मकान में हुई लाखों की चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल महज घटना का खुलासा किया, बल्कि चोरी किए गए करीब 40 लाख रुपये के जेवरातों में से 75 प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर चोरों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को भी गिरफ्तार किया है।
धार्मिक यात्रा पर गया था परिवार, पीछे से हो गया था खेल
घटना का शिकार हुए पीड़ित सुधीर अग्रवाल सेवानिवृत्त एसबीआई कर्मी के बेटे चंदन ने बताया कि 8 जनवरी को उनका पूरा परिवार राजस्थान स्थित मंदिर के दर्शन के लिए गया हुआ था। घर पर ताला लटकता देख चोरों की नीयत डोल गई। 12-13 जनवरी की दरमियानी रात चोरों ने घर का ताला तोड़ा और इत्मिनान से करीब 40 लाख रुपये की ज्वैलरी पर हाथ साफ कर दिया। 12 जनवरी को पड़ोसियों ने जब ताला टूटा देखा, तो उन्होंने तत्काल सुधीर अग्रवाल को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी में रेकी करता दिखा था संदिग्ध।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने खुलासे के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। फुटेज में घटना से ठीक एक दिन पहले एक युवक संदिग्ध हालत में मकान की रेकी करता हुआ दिखाई दिया।
मुखबिरों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उस संदिग्ध की पहचान बेकनगंज निवासी फिरोज उर्फ अजमेरी के रूप में की। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने तोते की तरह सारा राज उगल दिया।
मां के जरिए सुनार तक पहुँचाया चोरी का माल।
फिरोज ने कबूला कि उसने सनिगवां की कांशीराम कॉलोनी निवासी अपने साथी अंकित के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था। पूछताछ में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। चोरों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी का माल (ज्वैलरी) खुद बेचने के बजाय अंकित की मां का सहारा लिया। अंकित की मां के जरिए यह माल नौबस्ता निवासी सुनार अनुराग त्रिपाठी को बेचा गया था।
पुलिस ने निशानदेही पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सुनार अनुराग त्रिपाठी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए माल का करीब 75 फीसदी हिस्सा बरामद कर लिया है, जो पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत की बात है।
आरोपियों की पुरानी है कुंडली।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पकड़े गए दोनों चोर आदतन अपराधी हैं। जांच में पता चला है कि अंकित गुप्ता पर थाना चकेरी में पहले से 5 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि फिरोज उर्फ अजमेरी पर थाना सीसामऊ में 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन शातिरों के अन्य साथियों और नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
वही डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की बात कही है।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट


















