कानपुर मे आज लोक सेवक मंडल द्वारा स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 161वीं जयंती बड़े ही गरिमामय ढंग से मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन हरिहरनाथ शास्त्री भवन, खलासी लाइन, कानपुर में किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
मुख्य वक्ता शिक्षाविद् डॉ. शिवकुमार दीक्षित ने लाला लाजपत राय के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि स्वतंत्रता के बाद उनके स्वदेशी और स्वराज आधारित विचारों को अपनाया गया होता, तो भारत आज विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होता।
इतिहास मर्मज्ञ रामकिशोर बाजपेयी ने कहा कि लाला लाजपत राय ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ आज़ादी के बाद के भारत की दिशा तय करने पर भी कार्य किया। उन्होंने दलितों, किसानों और मजदूरों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए।
लोक सेवक मंडल के अध्यक्ष दीपक मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि देश के नेता क्षेत्रवाद, भाषावाद और प्रांतवाद से ऊपर उठकर लाला, बाल और पाल के विचारों पर चलें, तो देश आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकता है।
इस अवसर पर वर्ष 2026 का ‘लाला लाजपत राय स्मृति सम्मान’ वरिष्ठ गांधीवादी एवं शिक्षाशास्त्री जगदम्बा भाई को प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने भी लाला लाजपत राय के जीवन और विचारों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कानपुर से भूपेंन्द्र सिंह की रिपोर्ट



















