बाबा आंन्देश्वर मन्दिर के नए स्वयम्भू मंहन्त की घोषणा को लेकर मन्दिर में हुई प्रेस वार्ता…
– 11 वर्ष से जिला सत्र न्यायालय में गद्दी को लेकर चल रहे गुरु चेला विवाद में आया नया मोड़,
3 कार्यवाहक मंहन्त के बावजूद ,अखाड़े की अनुमति के बिना, श्याम गिरी ने ठोका मंहन्त होने का दावा….
संत समाज मे देश के सबसे बड़े पञ्च दंश जूना अखाड़े द्वारा आनदेश्वर मठ के नए मंहन्त घोषणा से जताई अनभिज्ञता ….
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कानपुर नगर। बीते एक दशक से अधिक समय से चला आ रहा विवाद अब आपसी सुलह समझौते से निपट गया है, यह कहना है बाबा आनंदेश्वर धाम के स्वयंभू महंत श्याम गिरी का। पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि उनके चेले अमरकंटक गिरी उर्फ रामदास के साथ वर्ष 2011 में कुछ वैचारिक मतभेद हो जाने के चलते विवाद हो गया था, जिसमें मुकदमेबाजी भी हुई। विवाद के पश्चात जूना अखाड़ा के संत तथा पदाधिकारी भी आए क्योंकि विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया था कि अखाड़े के साथ-साथ पुलिस तथा प्रशासन को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। उस दौरान लिखित सहमति से तय हुआ था कि जब तक दोनों पक्षों के मध्य उत्पन्न विवाद समाप्त नहीं हो जाता, तब तक मंदिर की देखभाल जूना अखाड़ा के द्वारा की जाएगी। जिसके चलते जूना अखाड़ा ने अपने दो साधु मंदिर के नियमित देखभाल एवं व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए भेजे। वार्ता के दौरान यह भी बताया कि कुछ सामाजिक लोगों के मध्यस्थता के चलते अब यह विवाद समाप्त हो चुका है और दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद शेष नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब महंत श्याम गिरी को यह अधिकार प्रतिपक्ष ने दिया है कि वह पहले की भांति बाबा आनंदेश्वर धाम परमट कानपुर नगर का कार्यभार संभालते हुए महंत पद के दायित्वों का निर्वहन करें, जिस पर अमरकंटक गिरी उर्फ रामदास को किसी प्रकार का कोई एतराज नहीं है। इस बारे में बाबा अमरकंटक महाराज जी से भी वार्ता करने के दौरान ज्ञात हुआ कि उन्होंने आपसी सुलह समझौते के साथ प्रथम पक्ष को ही मंदिर का कार्यभार संभालने की जिम्मेदारी दे दी है। इस बात की जानकारी जब क्षेत्र निवासियों को हुई तो उन्होंने हर्ष जताया परंतु पंचदश जूना अखाड़ा के जगदगुरु पंचानंद गिरी जी का कहना है कि आगामी एक-दो दिनों के अंदर अखाड़े के लोग आएंगे तब जो निर्णय होगा उसे स्वीकार किया जाएगा।


















