योगी जी को पत्र भेजा — महिला आयोग को पत्र भेजा — जिले के सभी अधिकारीयों को अपनी पीड़ा बताई — यहाँ तक भाजपा नेताओं से भी न्याय की गुहार लगायी – लेकिन किसी ने नहीं सुनी – पति मजबूर होकर नागा बाबा बन गया – देवर ने भी मौत के डर से सन्यास ले लिया – साहब मुझे बचा लो – मेरे बच्चों को बचा लीजिये – अगर कुछ नहीं कर सकते तो हिंदुत्व के रक्षक भगवान् श्री हनुमान जी के मंदिर को ही बनवा दीजिये — जिसके निर्माण कार्य को दबंग भू-माफिया ने बंद करा दिया है —
यह शब्द हैं कानपुर के नवाबगंज में रहने वाली रन्नो दीक्षित के — जिनकी पीड़ा सुनते ही – मानो ऐसा लगता है – कि – कहीं न कहीं योगी सरकार की गाइड लाइन पर कार्य तो होता है – पर असर बहुत कम – जैसा रन्नो दीक्षित के साथ हो रहा है — जिनको एक भूमाफिया परिवार लगातार प्रताणित करने में जुंटा हुआ है — दरअसल — रन्नो की पीड़ा पर नजर डालें तो मामला इनके बाबा राम स्वरुप आश्रम से जुडी हुई है — जिसे रन्नो दीक्षित के बाबा ने गरीबों के लिए बनवाया था और भगवान् की सेवा भाव के लिए यहाँ भगवान् श्री बजरंग बलि जी की प्रतिमा विराजमान करते हुए पूजा पाठ शुरू किया था,,,
समय बढ़ता गया और आश्रम गरीबों के लिए छत बन गया – और विराजमान भगवान् श्री बजरंग बलि जी स्थान एक सिद्ध स्थान में बदल गया — समय बढ़ता गया बाबा राम स्वरुप जी का स्वर्गवास हो गया – जिसके बाद रन्नो ने इस प्रथा को ज़िंदा रखते हुए अपने पति और देवर के साथ सेवाभाव शुरू कर दिया — तभी कुछ सालों पहले इनके आश्रम के बगल में अखिलेश श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति ने एक प्लाट खरीदा — और यहाँ रहने लगे — धीरे धीरे अखिलेश श्रीवास्तव की नियत आश्रम की जमीन पर डगमगा गयी — बस क्या था — अखिलेश श्रीवास्तव ने भू माफिया का चोला ओढ़ते हुए आश्रम की भूमि पर – जिसका रन्नो ने विरोध किया तो अखिलेश व उनके दबंग भाइयों ने रन्नो के विकलांग पति की जान के दुश्मन बन बैठे –
जिसका हर्ष कुछ यूँ हुआ कि रन्नो के पति ने खौफजदा और अपनी शारीरिक मज़बूरी को देखते हुए प्रयागराज जाकर नागा बाबा का भेष धारण कर लिया — तो छोटे भाई ने जिम्मेदारी संभाली – तो उसको भी इन दबंगो ने कहीं का नहीं छोड़ा – और रन्नो के देवर ने भी गंगा किनारे जाकर सन्यास ले लिया — लेकिन रन्नो ने हिम्मत नहीं हारी — क्योंकि रन्नो को विश्वास था कि मौजूदा योगी सरकार उसके साथ अन्याय नहीं होने देगी — तो रन्नो ने दबंग भू माफिया के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर दी — पर उसका यह विश्वास उस वक्त टूट गया — जब कोई भी कार्रवाई नहीं हुई — नौबत तो यहाँ तक आ गयी कि दबग ने भगवान् श्री हनुमान के मंदिर में हो रहे कार्य को भी बंद करवा दिया,,, और तो और सुरक्षा की दृष्टि से लगवाए जा रहे मुख्य द्वार गेट को भी तुड़वा दिया — जिसके बाद रन्नो अब मीडिया का सहारा लेते हुए योगी सरकार से रो रो कर मिन्नत कर रहीं हैं —



















