भा०ज०पा० अनुसूचित मोर्चा के तत्वाधान में माननीय किशन लाल सुदर्शन सदस्य अनुसूचित जाति एवं जन जाति उत्तर प्रदेश शासन बनाये जाने के उपलक्ष्य में मर्चेन्ट चेम्बर हाल सिविल लाइन्स कानपुर में अभिनन्दन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्वागत समारोह में सुदर्शन जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही एक मात्र दल है जो दलित समाज के उज्जवल भविष्य की चिन्ता रखती चली आ रही है। उदाहरण स्वरूप 1974 में भाई पन्ना लाल ताम्बे जी को विधान परिषद में भेजे जाने 1980 में बाबू जगजीवन राम के प्रधानमंत्री घोषित करने, लोकसभा का चुनाव लड़ने, डा० भीमराव अम्बेडकर के भारत रत्न, पार्लियामेन्ट लोकसभा के सामने मूर्ति तथा समूहिक अवकाश की घोषणा करने, 1995 में बहन मायावती के तीन बार मुख्यमंत्री बनाये जाने, डा० अम्बेडकर के नाम पर पंच तीर्थ घोषित किये जाने माननीय मोदी द्वारा सफाई कर्मचारियों का चरण बन्दन करने, केन्द्र एवं प्रदेश द्वारा योजनाओं में दलित समाज का विशेष अवसर तथा जीवन परिवर्तन हेतु योजनायें लागू करने आदि है।
श्री सुदर्शन ने आयोग के सम्बन्ध में कहा कि मुझे मिले हुये अवसर पर डा० अम्बेडकर जी द्वारा भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकारों दलितों के दिलाने, दलित उत्पीड़न के विरोध में सक्त कार्यवाही करने मलिन बस्तियों में रहने वाले दलित समाज के मालिकाना हक दिलाने, संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमितीकरण की कार्यवाही करने, आवादी के अनुपात में, भर्ती किये जाने, तथा इन भर्तियों में बाल्मीकि समाज को ही रखे जाने का जी तोड प्रयास करूँगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता धीरज बाल्मीकि व संचालन संजीत कुमार ने किया।
इस अवसर पर सांसद सत्यदेव पचौरी,महापौर प्रमिला पांडे, सुनील बजाज, सुरेन्द्र मैथानी, उपेन्द्र पासवान, श्री धीरज कुमार बाल्मीकि, विजय वर्मा, संजीत कुमार, रमाकान्त, राहुल बच्चा सोनकर, संदीप पासवान, सी०पी० समुन्द्रे, महेश हठी, रमाकान्त बाल्मीकि, समरजीत सोनकर, पप्पू सोनकर, सूरज सोनकर, जय नारायण मुकेश, विरेश त्रिपाठी, अवधेश सोनकर, सन्तोष शुक्ला, राम प्रकाश आर०आई०, राजेश जवाहर, अनिल, बैजनाथ, दया कुमार, कुक्कू, जितेन्द्र उर्फ बबलू ठाकुर, सुरेश गहरवाल, अनिल बैरीशाल, मोहन लाल साहसी, राजू शर्मा, सूरजभान, अजीत नाहर, आशु बाल्मीकि, प्रभात सुदर्शन, हरी बाबू, विजय आन्नद हठी, राज कुमार असरेठ, शिवबरन, विशाल मलिक, राकेश पासवान, हरभजन नन्हेट, इन्द्रजीत खन्ना, सी०एल० बढेल आदि लोग मौजूद थे।
संवाददाता सुमित कुमार


















