कानपुर, माँ की गोद बच्चे की प्रथम पाठशाला है। अगर यह पढ़ी लिखी, उच्च विचारों वाली, रौशन ख्याल और व्यवहार कुशल होगी तो वह न केवल अपने बच्चों के लिए अच्छी शिक्षिका होगी बल्कि दो परिवारों के बीच मधुर सम्बन्ध स्थापित करने का माध्यम बनती है। हीरामन पुरवा उक्त विचार ऑल इण्डिया गरीब नवाज़ कौन्सिल के आयोजित ताजदारे बगदाद के जलसे से कौन्सिल मो० महताब आलम ने व्यक्त किया। के तत्वधान शहर में अध्यक्ष मौलाना ने कहा कि लोकतन्त्र में नागरिक को मतदान करना उनका मताधिकार और प्रमुख जिम्मेदारी है मगर इसके लिए मतदाता सूची में नाम की प्रविष्टी अनिवार्य है। इसके बिना देश का नागरिक होते हुए भी अपना मतदान न कर सकेगा। मतदाता सूची में नाम बढ़ाने, घटाने और संशोधन का कार्य चल रहा है। मतदाता सूची में नाम न होने या किसी प्रकार की त्रुटि को शुद्ध कराने को मुख्य जिम्मेदारी समझें।मौलाना मोहम्मद महताब आलम ने कहा कि अल्लाह के वलियों की शिक्षा और उनके बताये हुए रास्ते पर चलना ही उनसे सच्चा प्रेम है।इससे पूर्व जलसे का प्रारम्भ कुरआने पाक की तिलावत से कारी इश्तियाक अहमद ने किया। कारी इकबाल बेग कादरी ने नात शरीफ का नजराना पेश किया। जलसे की अध्यक्षता मौलाना मो० महताब आलम कादरी मिस्बाही ने और संचालन शब्बीर अशरफी ने किया। अन्त में देश की अमन व शान्ति और कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए दुआ की गयी। इस अवसर पर मौलाना गुलाम हसन, मौलाना जुनेद, हाफिज़ कोर्नैन, हाफिज फैजान, बब्लू भाई, खालिद भाई, फैसल भाई आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
माँ की गोद बच्चे की प्रथम पाठशाला है मौलाना मो० महताब आलम


















