कानपुर
अंधा और अपाहिज कर भीख मंगवाने का मामला
राज नागर और उसकी मां को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सुरेश को बेचने वाला विजय अभी भी फरार है
कानपुर पुलिस ने नौकरी के बहाने अगवा कर फिर शारीरिक रूप से दिव्यांग करके बड़े-बड़े शहरों में भीख मंगवाने वाले गिरोह का खुलासा किया है,,, पुलिस ने गिरोह में महिला सदस्य समेत एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है,,, साथ ही साथ ग्रुप के अन्य सदस्य एक महिला और एक अन्य की तलाश में छापेमारी कर रही है।
आपको बता दें कि घटनाक्रम के मछरिया निवासी सुरेश मांझी का हाथ पैर तोड़कर दिल्ली में भीख मंगवाने का मामला प्रकाश में आया था,,, पीड़ित के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने नौबस्ता थाने में मुकदमा दर्ज कर गिरोह में शामिल अभियुक्तों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई थी,,, सुरेश मांझी को छह माह पहले मछरिया से विजय नट काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया,,, इसके बाद वहीं पर बंधक बनाकर अपने व रिश्तेदार के घर में छिपाकर रखा,, विजय ने उसकी आंखों में केमिकल डाल दिया,, जिससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई,,इसके बाद नई दिल्ली के नागलोई में भीख मंगवाने वाले गिरोह के सरगना राज नागर के हाथों 70 हजार रुपये में बेच दिया,
डीसीपी साउथ ने बताया है कि गिरोह के सदस्य काम की तलाश में भटक रहे लोगों को काम दिलाने के बहाने दिव्यांग करके बड़े शहरों के रेलवे और बस स्टेशन व अन्य भीड़-भाड़ वाले बाजारों में भीख मंगवाते हैं,, जिनसे प्रति व्यक्ति करीब एक से डेढ़ हजार रुपये की आमदनी होती है,, अभियुक्तों से अन्य शिकार बनाए लोगों के संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है,, गिरोह के सरगना राज नागर और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है,,2 सदस्यों की तलाश के लिए दविश दे रही है।


















