चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीपनगर कानपुर देहात द्वारा आज विकासखंड रसूलाबाद के ग्राम पिटूरा समायूँ में कृषक उदय सिंह राजपूत के प्रक्षेत्र पर हैप्पी सीडर द्वारा गेहूं की बुवाई का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक डॉ खलील खान ने बताया कि इस यंत्र से किसान पराली प्रबंधन भी कर सकते हैं। इससे जहां समय की बचत होती है वही फसल से पैदावार भी अच्छी होती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। जमीन में उपस्थित लाभदायक जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। तथा जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म हो जाती है। डॉक्टर खलील खान ने किसानों से आवाहन किया कि फसल अवशेष को काटकर खेत में ही मिलाएं उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों से किसान आसानी से धान,बाजरा,ज्वार आदि फसलों की कटाई के उपरांत सीधे खेतों में बिजाई कर सकते हैं। प्रगतिशील कृषक उदय सिंह राजपूत ने बताया कि वे करीब 4 एकड़ धान की रोपाई करते हैं उन्होंने पिछले दो-तीन वर्षों से फसल अवशेषों में आग नहीं लगाई है। नतीजा जमीन की उर्वरा शक्ति अच्छी हुई। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ विनोद प्रकाश, डॉ अरुण कुमार सिंह के अतिरिक्त शरद कुमार सिंह, गौरव शुक्ला सहित प्रगतिशील कृषक मुकेश राजपूत,संतराम, अनिल कुमार एवं सियाराम तथा पूर्व प्रधान जगदीश सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
हैप्पी एवं सुपर सीडर से करें रबी बुवाई तथा फसल प्रबंधन, होगा अधिक लाभ


















