राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर 11-14 फरवरी, 2023 तक अस्यूट विश्वविद्यालय, मिश्र के साथ मिलकर मिश्र के लक्सर शहर में शर्करा एवं सम्बद्ध उद्योग विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है यह पहला अवसर होगा जब राष्ट्रीय शर्करा संस्थान भारत के बाहर कोई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इस आयोजन के लिए आवश्यक अनुमोदन भारत सरकार से प्राप्त हो चुका है। अस्यूट विश्वविद्यालय मिश्र एवं अरब देशों की रैकिंग में क्रमशः 6 वां व 18 वां स्थान रखता है इस चार दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन के अतिरिक्त कई प्रतिष्ठित वक्ताओं यथा डॉ. गिलीयन एग्लीस्टन, ओडोबन शुगर इंस्टीट्यूट लूसियाना, अमेरिका, डॉ. मेल्विन बोल्टन, अमेरिकी कृषि विभाग, मि. फ्रांसिस्को गुएलहेरेम नास्तारी, सलाहकार निदेशक, DATAGRO, ब्राज़ील और डॉ. विराट वनिक श्रीरत्ना, कसेट्सर्ट विश्वविद्यालय थाइलैंड के द्वारा प्लेनरी सेशन में व्याख्यान दिये जाएंगे। इनके अतिरिक्त गन्ना और चुकंदर के उत्पादन, प्रसंस्करण, फैक्ट्री अभियांत्रिकी एवं सह उत्पाद उपयोग जैसे विषयों पर विश्व भर से प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा 100 से अधिक शोधपत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि 30 से अधिक चीनी उत्पादक राष्ट्रों के 500 से अधिक प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे सम्मेलन के साथ आयोजित एक्स्पो में विश्व भर के प्रतिष्ठित मशीनरी उत्पादकों, तकनीकी प्रदाताओं एवं प्रोसेस से जुड़े रसायन उत्पादकों के द्वारा भी स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके लिए M/s Scmidt & Haensch, जर्मनी, मेसर्स केबो स्पेशियलिटी केमिकल, अमेरिका, मेसर्स बी एम ए, जर्मनी, मेसर्स बेटा सीड, जर्मनी, मेसर्स सुविरोन एक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स श्रीजी प्रोसेस इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड, भारत तथा अन्य सभी देशों के मशीनरी उत्पादकों से सहमति प्राप्त हो चुकी हैं सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर तकनीकी विमर्श एवं कार्यक्रम के साथ लगी एक्स्पो से विभिन्न देशों में गन्ने और चुकंदर से चीनी, ईथनोल और मूल्यवर्धित उत्पादों के प्रसंस्करण के क्षेत्र में तकनीकी विकास एवं नवीनतम मशीनरी के बारे जाने का एक सुअवसर प्राप्त होगा। निदेशक ने बताया कि भारतीय परिपेक्ष्य में भारतीय प्रतिनिधियों को चुकंदर के उपज एवं प्रसंस्करण के बारे में में बेहतर जानकारी प्राप्त होगी क्योंकि देश में चुकंदर से ईथनोल की प्राप्ति की संभावना पर विचार किया जा रहा है। उन्होने यह भी बताया कि भारतीय कंपनियाँ अपने उत्पादों के प्रदर्शन से जहां वैश्विक बाजार में अपने उत्पादों के विस्तार की संभावनाओं की तलाश करेंगी वहीं संस्थान को अपनी गतिविधियों को वैश्विक परिदृश्य के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा जिससे संस्थान को प्रशिक्षण कार्यक्रम व परामर्श सेवाओं के बारे में वैश्विक मंच पर बताने का अवसर भी प्राप्त होगा।
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर 11-14 फरवरी, 2023 तक अस्यूट विश्वविद्यालय, मिश्र के साथ मिलकर मिश्र के लक्सर शहर में शर्करा एवं सम्बद्ध उद्योग विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है


















