अमेरिका से आए देवव्रत प्रभु जी ने युवाओं के बीच में गीता के ज्ञान के द्वारा मन को नियंत्रित करने का फार्मूला बताया ।मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में आगामी 3 दिन के प्रोग्राम में अमेरिकी नौजवान ब्रह्मचारी देवव्रत प्रभु जी आए हुए हैं। अपने प्रोग्राम के पहले दिन उन्होंने इस्कॉन कानपुर के मासिक प्रेरणा प्रोग्राम में करीब ढाई सौ विद्यार्थियों के मन को नियंत्रित करने के लिए गीता में बताए गए फॉर्मूलों को बताया ।
मात्र 30 साल के देवव्रत प्रभु जी ने 2017 में इस्कॉन मंदिर लॉस एंजिल्स में ब्रह्मचारी के रूप में समर्पित किया । 2018 में वैशिशका प्रभु जी के द्वारा दीक्षा लेने के उपरांत , वह यात्रा संकीर्तन दल में की श्रीला प्रभुपाद की किताबों का पूरे अमेरिका में वितरण की सेवा कर रहे हैं।
अजीत कुमार की रिपोर्ट


















