भारतीय संविधान दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन

कानपुर, बामसेफ एवं युनिटी ऑफ बहुजन समाज, भारतीय दलित पैंथर अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में मैकरावर्टगंज छोटी पार्क में भारतीय संविधान दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजकुमार एडवोकेट संयोजक भारतीय संविधान बताओ ट्रस्ट उ०प्र० भारत द्वारा किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्या (एम०एल०सी० एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री उ०प्र० सरकार) ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज संविधान दिवस के अवसर पर सभी राजनैतिक दलों को एकजुट होकर असंवैधानिक कार्य जो मनुवादी सरकार द्वारा किया जा रहा है इसका विरोध करना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  कमलाकान्त कालेजी राष्ट्रीय अध्यक्ष नई दिल्ली ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज 26 नवम्बर के दिन भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था लेकिन बड़ी विडम्बना है कि इतने सारे संगठन होने के बावजूद भी मनुवादियों के द्वारा संविधान चलाया जा रहा है, फाड़ा जा रहा है और देश में संविधान के रहते मनुवादियों द्वारा यह सारा काम असंवैधानिक तरीके से किया जा रहा है इन सबसे बचने और संविधान को बचाने का अब मात्र एक ही विकल्प बचा है कि सारे बहुजन मूल निवासी समाज के लोग जनान्दोलन के लिये अभी से तैयारी शुरू कर दें।भारतीय संविधान दिवस विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से मौलाना अब्दुल कुद्दूश हादी (शहर-ए-काजी) मा० स० हरविन्दर सिंह लार्ड जी, मा० कुलदीप संख्वार जी इंजी० कोमल सिंह, पास्टर जितेन्द्र सिंह, डॉ० अजय कुमार, कौशल बाल्मीकि, डॉ० आदेश यादव, डॉ० यशवन्त राव, देवी प्रसाद निषाद, के0के0 जाटव, प्रदीप यादव, राम सेवक यादव, मंजू गौतम, डॉ० विनोद कुमार, डॉ० श्याम सिंह, डॉ० एस०एन० भास्कर, प्रकाश हजारिया, एम०एल० भास्कर, डॉ० सुनीता गौतम, डॉ० सुभाष चन्द्रा, सफीक सिद्धीकी, रामबहल विद्यार्थी एडवोकेट, राहुलन अम्बावाडेकर, शैलेन्द्र कुमार, गोपाल गोठी, महासचिव, भारतीय जीवन बीमा निगम एस०सी०/ एस०टी० बुद्धिष्ट कर्मचारी अधिकारी कल्याण संघ. रामनरेश, महेन्द्र कुमार, उर्बीधर (आई०टी०सेवा), कार्यक्रम संयोजक एवं आयोजक पैंथर धनीराम बौद्ध अध्यक्ष भारतीय दलित पैंथर उoप्रo ने आये हुये सभी अतिथियों का विभिन्न सामाजिक संगठनों से आये हुये प्रमुखों एवं कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और कहा कि डॉ० बाबा साहब अम्बेडकर का ही संविधान है जिसमें सभी मनुष्यों को को चाहे वह किसी जाति धर्म या सम्प्रदाय का हो सभी को भारत में एकाधिकार प्रदान किया उन्होने संविधान की रचना करते हुये किसी भी धर्म व सम्प्रदाय का पक्ष लिये बगैर निष्पक्ष रूप से सभी को एक समान अधिकार प्रदान किया इस लिए भारत का संविधान सम्पूर्ण विश्व में सबसे अच्छा संविधान माना जाता है। लालता प्रसाद आजाद, रमेश चन्द्र धीमान, नवीन चन्द्र गौतम एडवोकेट, राम गौतम एडवोकेट कमल एडवोकेट, चन्दन निषाद, रंजीत निषाद, राजेश कोरी, सुशील राजदान, सुनील कुमार गौतम, डब्लू सेठ, प्रशान्त गौतम, बी०एल० विद्यार्थी सूर्यपाल यादव, अर्चना बौद्ध, पास्टर रवी, पास्टर अनिल यादव पास्टर जितेन्द्र सुनीता बौद्ध, विनीत कुमार, जय कठेरिया, , उर्मिला राजपूत, रूकमणी, एडवोकेट कमलेश गौतम, एडवाकेट जितेन्द्र दोहरे, एडवोकेट अनिल बाबू चौधरी, एडवोकेट, जीतू सोनकर, आशीष गुप्ता, कोनाल, रंजीत निषाद, अनिल प्रजापति, अरूण कुशवाहा, स्वदेश हरिश्चन्द्र, आदि लोग शामिल थे।

No Slide Found In Slider.