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551 जोड़े हुए एक दूजे के, 540 हिन्दू जोड़ों का हुआ विवाह जबकि 11 जोड़ों का निकाह

 

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत सीएसए ग्राउंड में हुआ भव्य आयोजन

551 जोड़ों का जीवन संगम, सीएसए मैदान में गूँजी खुशियों की अनोखी धुन

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अंतर्गत सात फेरे और निकाह एक ही छत के नीचे सम्पन्न

कानपुर नगर।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का विशाल मैदान बृहस्पतिवार को सामाजिक सौहार्द, परंपरा और सामूहिक उल्लास का ऐसा केंद्र बना, जहाँ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 551 जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की। इनमें 540 हिन्दू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए, जबकि 11 मुस्लिम जोड़ों ने गरिमामय निकाह के साथ अपने वैवाहिक जीवन का आरम्भ किया।

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक महेश त्रिवेदी, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, एमएलसी सलिल बिश्नोई, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन , ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /उपजिलाधिकारी सदर
श्री अनुभव, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुश्री शिल्पी सिंह आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदम्पत्तियों पर पुष्प वर्षा की और उनके सुखी दांपत्य जीवन की कामना की। सुव्यवस्थित पंडाल, समुचित सुरक्षा, स्पष्ट मार्गदर्शन और सहज वातावरण ने पूरे आयोजन को अत्यंत भव्य और श्रेष्ठ रूप दिया।

पंजीकरण और उपस्थित‍ि को पारदर्शी बनाने के लिए सभी जोड़ों का बायोमेट्रिक एवं फेस-अटेंडेंस से सत्यापन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में विशेष काउंटर लगाए गए, जहाँ पूरी प्रक्रिया सुचारु गति से संचालित हुई। सत्यापन पूर्ण होने पर प्रत्येक जोड़े को पहचान हेतु चिन्हांकन बैंड दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उपस्थितजनों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए पंडाल, प्रकाश, पेयजल, भोजन एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ उच्च स्तर की हों। प्रशासनिक तैयारियों की सजगता का परिणाम रहा कि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के निर्बाध रूप से सम्पन्न हुआ।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की निराश्रित, जरूरतमंद, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को सम्मानजनक विवाह का अवसर देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है बल्कि सामाजिक समरसता और सर्वधर्म सौहार्द की भावना को भी सशक्त बनाती है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें कन्या के खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, उपयोगी वैवाहिक सामग्री तथा आयोजन व्यय शामिल होता है।

कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों ने भी सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं के प्रति गहरा संतोष व्यक्त किया। शिवराजपुर की श्रीमती रेखा कुशवाहा ने बताया कि उनकी भांजी का विवाह इस योजना के अंतर्गत हुआ है और पूरे कार्यक्रम में व्यवस्थाएँ अत्यंत संतोषजनक रहीं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर उनकी भांजी का विवाह सम्पन्न होना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है तथा वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं। इसी तरह शिवराजपुर के दूल्हा आदित्य ने बताया कि उन्होंने इतने संगठित और बड़े स्तर के आयोजन की कल्पना भी नहीं की थी। प्रशासनिक व्यवस्था, सजगता और सुविधाओं के कारण किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यह संवेदनशील पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए वास्तविक संबल बनती है।

कार्यक्रम के दौरान भोजन प्रारम्भ होते ही बड़ी संख्या में लोग एक साथ भोजन काउंटरों की ओर पहुँच गए, जिससे कुछ क्षणों के लिए लंबी कतार लग गई। हालांकि एडीएम सिटी राजेश कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी राकेश सिंह और सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय सिंह ने तुरंत स्थिति को संभाला। तीनों अधिकारियों ने मौके पर अतिरिक्त मैनपावर तैनात कर कतारों को व्यवस्थित कराया तथा भोजन वितरण को सुचारु और तेज गति से पुनः चालू करा दिया। उनकी त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित प्रयासों से खान-पान की व्यवस्था शीघ्र ही पूरी तरह नियंत्रित होकर सामान्य हो गई।

विवाह संस्कारों की मधुर ध्वनियाँ, दुआओं की गूँज, सजावट की गरिमा और परिवारों की प्रसन्नता मिलकर ऐसा वातावरण निर्मित कर रही थीं, जिसने इस पूरे समारोह को सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसहयोग और प्रशासनिक संवेदनशीलता का अत्यंत सुंदर उदाहरण बना दिया। सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सैकड़ों परिवारों को मिले इस सम्मानजनक अवसर ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुविचारित योजनाएँ जब धरातल पर संवेदनशीलता के साथ लागू होती हैं, तो उनका प्रभाव जीवनभर याद रहने वाली खुशियाँ बन जाता है।

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