रानीघाट में हाल ही में पड़ी अंडरग्राउंड वाटर लाइन की चपेट में आये दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए।जिससे स्थानीय निवासी दहशत में है और उनकी सुनवाई भी नही हों रही।आपको बतादे की बीते दिनों गंगा बैराज से भैरव घाट पम्पिंग स्टेशन तक अंडरग्राउंड वाटर लाइन डाली गई है।ये वाटरलाइन रानीघाट के सरजू पुरवा के दर्जनों मकानों के नीचे से गुजरी है।HDD मशीनों की मदद से इसे मकानों के नीचे से बाई पास कराया गया है।जिससे दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें दरारे पड़ गयी है।कुछ मकान ऐसे भी है जो कभी भी धरासाई हो सकते है।स्थानीय निवासियों के मुताबिक उन्होंने मामंले की शिकायत ठेकेदार से लेकर जिलाधिकारी तक कर चुके है।लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।निवासियों ने बताया कि बरसात के समय चल रहा है और उनके मकान कभी भी जमींदोज हो सकते है जिस्की वजह से वो घरों में रहने में भी डर रहे है।वही कुछ लोग ऐसे भी है जिनके मकान जय दा क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसकी वजह से वो घर के बाहर रहने को मजबूर है।निवासियों की मांग है कि उनके मकानों को पुनः बनवाया जाए या फिर मरम्मत कराई जाए।अब देखना होगा कि मामंले में जिलाप्रशासन क्या निर्णय लेता है।रानीघाट मे अंडरग्राउंड वाटर लाइन की चपेट में आये दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त,स्थानीय निवासी दहशत में,नही हो रही सुनवाई
रानीघाट में पड़ी अंडरग्राउंड वाटर लाइन की चपेट में आये दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त


















