देश के 2 बड़े शिक्षण संस्थानों IIT कानपुर और नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (NSI) में तेंदुए ने दहशत फैला रखी है। वन विभाग की टीम को तेंदुआ पकड़ने में लगातार नाकामी हासिल हो
रही है। दोनों संस्थानों के बाद अब तेंदुआ नारामऊ के जंगलों में घूमता देखा जा रहा है।
बेधड़क घूम रहा है तेंदुआ
IIT में देर रात 1 बजे से तड़के 4 बजे तक वह हवाई पट्टी से लेकर पेट्रोल पंप तक घूमता रहा। इस दौरान उसने एक कुत्ते का पीछा भी किया। वन विभाग ने कुल छह पिंजरे और 9 इंफ्रारेड ट्रैपिंग कैमरे लगाए हैं। तेंदुए के कारण कई गांवों में दहशत है।
NSI ने शुरू किए अपने इंतजाम
एनएसआई डायरेक्टर प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि तेंदुआ पकड़ने के लिए कैंपस में 8 हाई रेज्योलेशन के कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैंपस में स्थित जंगलों की कटाई की जा रही है। हॉस्टल में रह रहीं छात्राओं को शाम 6 से सुबह 6 बजे तक निकलने पर रोक लगाई गई है। उनके आने-जाने के लिए वाहनों को लगाया गया है। वहीं हाईमास्ट लाइट भी संस्थान में लगाई जा रही हैं।
IIT में हाइड आउट से पकड़ने की तैयारी
कानपुर में दीपावली के अगले दिन से आईआईटी के आसपास दहशत का कारण बना तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं आ रहा है। लाख प्रयासों के बावजूद पकड़ में न आने के बाद वन विभाग ने अब पैदल गश्त की बजाय आईआईटी कैंपस में हाइड आउट बनाया है, जहां पूरी रात घात लगाकर तेंदुए का इंतजार किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि तेंदुआ उस क्षेत्र में बार-बार आ रहा है।
तेंदुए के साथ ही जंगल में लकड़बग्घा भी मौजूद
वन विभाग को एनएसआइ व आसपास लकड़बग्घा होने के भी प्रमाण मिले हैं। एनएसआइ में शनिवार रात सड़क पर मिट्टी बिछाई गई थी, उसमें लकड़बग्घे के भी पैरों के निशान मिले।


















