दि किराना मर्चेन्ट्स एसोसियेशन (रजि०) कानपुर के अध्यक्ष अवधेश कुमार बाजपेयी के नेतृत्व में सूबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को नगर के सांसद सत्यदेव पचौरी के द्वारा एक ज्ञापन प्रेषित किया गया है दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि उत्पादन पर मंडी शुल्क वापस लिया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडी समिति द्वारा स्थापित मंडियों के बाहर व्यापार कर रहे थोक किराना व्यापारियों पर मंडी लाइसेंस लागू है ।
हम किराना व्यापारियों की मांग है कि जीरा, मखाना एवं सुपारी जो कि प्रदेश की कृषि उत्पादित वस्तु नहीं है, इन वस्तुओं पर मंडी शुल्क लगाना न्याय संगत नहीं है, इसको संज्ञान में लेकर आप मंडी शुल्क समाप्त करने की कृपा करें। बीती दिनांक 08 जून 2020 को भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर मंडी से बाहर व्यापार कर रहे उपर्युक्त व्यापारियों मंडी शुल्क समाप्त करते हुए लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया था, जिससे व्यापारियों को मंडी प्रपत्र, प्रवेश पर्ची, 9 आर, गेट पास के झंझट से मुक्ति मिल गयी थी।
प्रदेश सरकार ने मंडी शुल्क पुनः लागू कर व्यापारियों को मंडी समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के शोषण एवं भ्रष्टाचार के हवन कुंड में आहुति देने का कार्य दिया है ।
प्रदेश सरकार द्वारा अप्रैल 2023 को उत्पादन कर्ता को किसानों से माल खरीदने पर कृषि उत्पादन मंडी शुल्क
समाप्त कर दिया गया है।
हम किराना दुकानदारों का अनुरोध है कि मंडी परिसर से बाहर व्यापार कर रहे व्यापारियों को कृषि उत्पादन मंडी शुल्क समाप्त करने का आदेश पारित करने की कृपा करें। इस सम्बन्ध में अपके समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर रहे हैं। आपसे यह भी अनुरोध है कि मंडी परिसर से बाहर व्यापार कर रहे व्यापारियों को पूर्व की भांति नियम रखा जाय। प्रदेश का व्यापारी समाज आपकी ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है कि कृषि मंडी शुल्क अध्यादेश को वापस कर व्यापारियों को राहत अवश्य दी जाएगी।
किराना व्यापारियों ने मंडी शुल्क खत्म करने की मांग की


















