लखनऊ, फरवरी 2026: एक इनोवेशन-आधारित इंटरनेशनल लाइफ-साइंसेज कंपनी, ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज लिमिटेड (अपनी सहायक/संबद्ध कंपनियों सहित, जिसे आगे “ज़ाइडस” कहा गया है), ने पेपेअर’टीएम लॉन्च किया है। यह भारत का पहला किफायती ऑसिलेटिंग पॉजिटिव एक्सपायरेटरी प्रेशर (ओपीईपी) डिवाइस है, जिसमें 3-रेज़िस्टेंस सिस्टम दिया गया है। यह डिवाइस सीओपीडी, अस्थमा और ब्रोन्किइक्टेसिस से पीड़ित मरीजों में छाती की जकड़न कम करने, बलगम साफ करने और सांस लेने में सुधार करने में मदद करता है। पेपेअर’टीएम एक इनोवेटिव, ड्रग-फ्री, हैंडहेल्ड डिवाइस है, जिसका डिजाइन पेटेंटेड है। भारत में 90 लाख से अधिक मरीज गंभीर सांस के रोगों से पीड़ित हैं। इन मरीजों में अत्यधिक और लगातार बलगम बनना एक आम समस्या है, जिसके लिए रोज़ाना उपयोग योग्य एयरवे क्लीयरेंस समाधान की आवश्यकता होती है। पेपेअर’टीएम को ऐरोडेल टेक्नोलॉजी इन्नोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौते के तहत लॉन्च किया जा रहा है। यह एक भारतीय मेडिकल डिवाइस कंपनी है, जो ड्रग-डिलीवरी पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन को सरल बनाने पर काम करती है। रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए, ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज ने पेपेअर’टीएम को किफायती कीमत 990 रुपये प्रति यूनिट में उपलब्ध कराया है।
लॉन्च के अवसर पर ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर शर्विल पटेल ने कहा, “ज़ाइडस में पेशेंट-सेंट्रिक इनोवेशन का मतलब है स्वास्थ्य सेवाओं को इस तरह आगे बढ़ाना, जिससे रोज़मर्रा की देखभाल मरीजों के लिए अधिक सुलभ हो सके। पेपेअर’टीएम के साथ, जो भारत का पहला किफायती ओपीईपी डिवाइस है, हम एक ड्रग-फ्री, हैंडहेल्ड समाधान पेश कर रहे हैं, जिसे सीओपीडी, अस्थमा और ब्रोंकिएक्टेसिस से पीड़ित मरीजों की बेहतर सांस लेने में मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस लॉन्च के माध्यम से हम श्वसन स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों का विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं।”
ओपीईपी एक ऐसी थेरेपी है, जिसमें हैंडहेल्ड वाली पारदर्शी डिवाइस उपयोग की जाती है। यह सांस छोड़ते समय दबाव और कंपन पैदा करता है, जिससे जमे हुए बलगम को ढीला करने, श्वसन नलिकाओं को खोलने और बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है। पेपेअर’टीएम क्षतिग्रस्त म्यूकोसिलियरी मार्गों को साफ करने, वायुमार्ग में रुकावट दूर करने, खांसी कम करने और बेहतर चिकित्सीय परिणाम देने में सहायक है। क्लिनिकल दिशानिर्देशों में ओपीईपी आधारित एयरवे क्लीयरेंस की सिफारिश की गई है, लेकिन व्यवहार में इसकी सीमित किफायती उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में मरीज इससे वंचित रह जाते हैं। पेपेअर’टीएम इसी पहुंच की कमी को दूर करने का प्रयास करता है।
भारत में श्वसन रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे अत्यधिक और लगातार वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन के कारण एलर्जी कारकों और ओज़ोन में बदलाव, तेज़ शहरीकरण, और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों की देर से पहचान जैसे कई कारक मौजूद हैं।
ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज भारत की प्रमुख रेस्पिरेटरी दवा कंपनियों में से एक है, जिसका ओरल और इनहेलेशन थेरेपी में लंबा अनुभव है। कंपनी ओरल ब्रोंकोडायलेटर सेगमेंट में डेरिफीलिन® के साथ अग्रणी है, जो भारत में सबसे अधिक लिखी जाने वाली मिथाइलजैंथीन दवाओं में से एक है। इसी आधार पर ज़ाइडस ने इनहेलेशन पोर्टफोलियो में भी मजबूत उपस्थिति बनाई है, जिसमें इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड (आईसीएस) + लॉन्ग-एक्टिंग बीटा2-एगोनिस्ट (एलएबीए), एलएबीए + लॉन्ग-एक्टिंग मस्कैरेनिक अंटागोनिस्ट (एलएएमए), और सिंगल इनहेलर ट्रिपल थेरेपी (एसआईटीटी) शामिल हैं। कंपनी ने फोर्ग्लिन® के साथ सबसे पहले एलएबीए+एलएएमए पेश किया और फोर्ग्लिन® प्लस के साथ एसआईटीटी की शुरुआत की। इसके बाद इनोवेशन जारी रखते हुए, रोज़ाना एक बार ली जाने वाली ट्रिपल थेरेपी जैसे ओडिहेल®जी और यूमीफ्लो® प्लस भी लॉन्च की गईं।


















