कानपुर नगर। कोआपरेटिव इस्टेट सभागार में चेयरमैन विजय कपूर की अध्यक्षता में उद्यमियों की प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें उद्यमियों ने तेल व गैस संकट के कारण उद्योगों के सामने खड़ी जटिल समस्याओं एवं उनके संभावित समाधान पर अपने विचार रखे।
चेयरमैन विजय कपूर ने कहा कि मध्य पूर्व के देशों में जारी युद्ध की विभीषिका के चलते आज पूरा विश्व संकट के दौर से गुजर रहा है और तेल व गैस आपूर्ति प्रभावित होने से भारत भी अछूता नहीं है। तेल और गैस की आपूर्ति में कमी तथा उनके मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण इससे जुड़े सभी उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनमानस पर पड़ रहा है। तेल और गैस की अनुपलब्धता/कमी के कारण उद्योग और रोजगार दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उद्योगों को न तो पर्याप्त एलपीजी गैस मिल रही है और न ही आवश्यक रॉ-मैटीरियल की उपलब्धता हो पा रही है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 50 प्रतिशत फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, 30 प्रतिशत बंदी के कगार पर हैं और शेष 20 प्रतिशत फैक्ट्रियां मात्र 70 से 80 प्रतिशत उत्पादन क्षमता पर चल रही हैं। ऐसी स्थिति में उद्योग श्रमिकों को नियमित रोजगार व वेतन नहीं दे पा रहे हैं, बच्चे की फीस तक भरने में कठिनाई हो रही है और श्रमिक वर्ग के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री देश को इस वैश्विक संकट से उबारने के लिये निरंतर प्रयासरत हैं और हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री उद्योगों के पुनर्जीवन के लिये नयी-नयी योजनाएं लागू कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न विभागों ने हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, बिजली बिल, जीएसटी आदि की वसूली के अपने लक्ष्यों को मार्च माह में ही हर हाल में पूर्ण करने का दबाव बना रखा है। जब फैक्ट्रियां बंद हो रही हों, श्रमिकों को वेतन तक न मिल पा रहा हो और उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो, तब इस प्रकार की वसूली की सख्त नीति उद्योग और व्यापार के लिये अत्यंत चिंताजनक है। कुछ इसी प्रकार की नीति के तरह केस्को द्वारा 10 प्रतिशत फ्यूल चार्ज बढ़ाया गया था। ऐसी परिस्थितियों में आवश्यक है कि सरकारी विभाग अपने मार्च माह के वसूली लक्ष्यों को आगे की तिथि तक स्थगित करें, ताकि उद्योग-व्यापार को संभलने का कुछ समय मिल सके। अन्यथा यदि उद्योगों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा, तो देश और प्रदेश के लिए राजस्व कहां से आएगा। इन हालात में आम जनमानस में भय का माहौल है और कुछ तत्वों द्वारा की जा रही कालाबाजारी से समस्या और भी विकराल रूप ले रही है।
उन्होंने शासन से आग्रह किया कि उद्योगों के अस्तित्व को बचाने के लिए अवैध कालाबाजारी पर कड़ी रोक लगाई जाए, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उद्योगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए, ताकि उद्योगों को पुनर्जीवन मिल सके और वे पूर्ववत देश की अर्थव्यवस्था में अपना सार्थक योगदान दे सकें।
उन्होंने बताया कि दादा नगर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के लिए सम्मानजनक दर पर मात्र पांच रुपये में भोजन की व्यवस्था की गई है तथा जिन श्रमिकों के पास भुगतान करने के लिए पैसे नहीं होते, उन्हें निःशुल्क भोजन कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 श्रमिकों के भोजन की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
अंत में चेयरमैन विजय कपूर ने ईश्वर से प्रार्थना की कि युद्ध में शामिल सभी देश विवेक और दूरदृष्टि का परिचय देते हुए शीघ्रातिशीघ्र इस युद्ध को समाप्त करने पर सहमत हों, क्योंकि तभी पूरे विश्व का वास्तविक कल्याण संभव हो सकेगा।
इस प्रेस कान्फ्रेंस में चेयरमैन विजय कपूर के साथ प्रमुख रूप से बलराम नरूला, हरीश ईसरानी, सुशील मोहन टकरू, संदीप मल्होत्रा, निखिल गुप्ता, एन.के. गुप्ता, रमेश गुलाटी, दिनेश कुशवाहा, अनूप कुशवाहा, अर्पित अवस्थी, अरूण जैन, श्यामलाल मूलचंदानी, वीरेन्द्र मिश्रा, अरविन्द झा, अशोक जुनेजा, अवधपाल सिंह, भीमसेन, बॉबी कपूर, दीपक रामचंदानी, गिरीश बजाज, गोपाल सदाना, हरि किशन वर्मा, हरीश समतानी, जगदम्बा विश्वकर्मा, मनोज सक्सेना, नरेश पंजाबी, निशित सिंहल, पम्मी खन्ना, प्रवीन विज, प्रेम राज, राजेन्द्र गुप्ता, राजेश कत्याल, सन्तोष गुप्ता, अनिल जैसवाल, लक्ष्मण खिलवानी, शिव कुमार प्रजापति, शुभाशीष भट्टाचार्या, मन्नू अरोड़ा, अरविन्दर सिंह भाटिया सहित सैकड़ों उद्यमी उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















