कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर वाहन चालकों की समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा। समिति के पदाधिकारियों राजेंद्र जायसवाल, जितेंद्र रतन, राकेश कश्यप आदि का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की गई एकमुश्त टैक्स (ओटीटी) योजना के कारण गरीब छोटे गाड़ी मालिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, समिति ने मांग की है कि इस योजना को 30 जनवरी 2026 के बाद आने वाली नई गाड़ियों पर ही लागू किया जाए ताकि कंपनियां इसे बैंक से फाइनेंस करा सकें। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने फिटनेस केंद्रों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि पहले जो फिटनेस शुल्क 1500 से 2000 रुपये था, वह अब निजी कंपनियों के चलते बढ़कर 8000 से 10000 रुपये हो गया है। इसके कारण सैकड़ों वाहन खड़े हो गए हैं और आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं,समिति ने 7500 किलोग्राम जीवीडब्ल्यू के अंदर आने वाले हल्के मालवाहकों से वर्ष 1988 के पुराने मोटर अधिनियम के तहत ही जुर्माना वसूलने की भी मांग की। आरटीओ ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















