कानपुर: देश में लगातार गिरते शिक्षा के स्तर, परीक्षाओं में हो रही धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के खिलाफ आज छात्रसंघ बहाली मोर्चा और विधि छात्र मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। छात्र युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही युवा एवं शिक्षा विरोधी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ आक्रोशित छात्रों ने सड़क पर उतरकर जोरदार नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार पूरी तरह से युवा और शिक्षा विरोधी हो चुकी है। हाल ही में आयोजित SSC GD, NEET और CBSE 12वीं की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही युवा एवं शिक्षा विरोधी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ छात्रों ने सड़क पर उतरकर जोरदार नारेबाजी की और साफ कहा कि परीक्षाओं में हो रही लगातार धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पुलिस प्रशासन की तानाशाही और बर्बरता
प्रदर्शन के दौरान जब आक्रोशित छात्र और कार्यकर्ता सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए पुतला फूंकने बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने दमनकारी नीति अपनाई। पुलिस कर्मियों ने बर्बरता दिखाते हुए राइफल के बट और बूटों (जूतों) के दम पर कार्यकर्ताओं से पुतला जबरन छीन लिया और उन्हें पुतला दहन करने से रोक दिया।
इस दौरान मुख्य छात्र नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की और हुंकार भरी:
”आज देश का युवा ठगा हुआ महसूस कर रहा है। SSC GD, NEET और CBSE जैसी बड़ी परीक्षाओं में धांधली इस बात का सबूत है कि सरकार के पास युवाओं के रोजगार और शिक्षा के लिए कोई नीति नहीं है। जब तक भ्रष्ट तंत्र को सुधारा नहीं जाता और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, हमारा यह मोर्चा पीछे नहीं हटेगा।”
तथा छात्रसंघ बहाली मोर्चा और विधि छात्र मोर्चा के सैकड़ों अन्य छात्र और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















