कानपुर। किदवई नगर स्थित श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा (किदवई पार्क) पंडाल में विजयदशमी के बाद महिलाओं ने सिंदूर खेला की परंपरा निभाई। मां दुर्गा की विदाई से पहले पंडाल में मां के लिये महिलाओं ने मैय्या के लिए गाने गाए और ‘बोलो बोलो माई की जय’ के जयकारों से पांडाल गूंज उठा। तत्पश्चात महिलाओं द्वारा मां का पान के पत्तों से पूजन अर्चन किया गया। इसके बाद उनका मिष्ठान से मुंह मीठा करा महिलाओं ने उनकी मांग में सिंदूर भरा। पंडाल में बंगाली परिधानों में सज संवर कर आई संगीता बख्शी, ओली सहा, आशिमा मुखर्जी, विनीता गुहा, शुक्रिया डे, आशा केडिया व अन्य महिलाओं ने माता की पूजा अर्चना की।
पूजा अर्चना के बाद सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने एक दूसरे की मांग व गाल में लाल रंग का सिंदूर लगाया। ढाक की थाप पर स्तुति मिश्रा, उदिता मिश्रा, नेहा शुक्ला, प्रतीक्षा दीक्षित आदि महिलाओ ने जमकर नृत्य किया। नाच गानों के दौरान महिलाओं ने मां की प्रतिमा को भी रंग गुलाल से सराबोर कर दिया।
मां की प्रतिमा जयकारों के साथ पंडाल से उठी तो भक्त भाव विभोर हो गए। जयकारों के बीच कई महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। नम आंखों से सभी भक्त मां दुर्गा की प्रतिमा को गंगा घाट की ओर लेकर चल दिए।
गंगा घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा जी को नम आंखों से विदाई दी और अगले बरस जल्द आने की कामना की। इस दौरान चेयरमैन उग्रसेन सिंह, अध्यक्ष शुभंकर मुखर्जी, महामंत्री शैलेंद्र प्रताप सिंह, सुरजीत गुहा, देवदत्त बक्शी, वीरेंद्र गुप्ता मन्नी, नरेश पाठक, संतोष सैनी, मानस, समर मिश्रा, कल्लू आदि सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।


















