सिख वेलफेयर सोसाइटी, उत्तर प्रदेश द्वारा वर्ष 1984 में कानपुर में हुए सिख नरसंहार के निर्दोष शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है।
गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी के सहयोग से चेन फैक्ट्री चौराहा, शास्त्री नगर, कानपुर में *शहीद चौक* का निर्माण कराया जा रहा है। इस चौक पर 1984 के नरसंहार में कानपुर में शहीद हुए 127 निर्दोष सिखों के नाम अंकित किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान को सदैव याद रखें। यह जानकारी हवेली रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदान की गई।
1984 का वह दर्दनाक इतिहास
वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में सिख समुदाय के विरुद्ध व्यापक हिंसा हुई थी। दिल्ली के बाद कानपुर इस हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित शहरों में रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई, महिलाओं के साथ अत्याचार हुए, परिवार उजड़ गए और कई लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा।
पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व मेंफ़ केंद्र सरकार बनने के बाद 1984 के मामलों की जांच में तेजी आई, वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में भी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
1 नवंबर को समाज को समर्पित होगा चौक
इसी क्रम में दिनांक 1 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख के करकमलों द्वारा इस शहीद चौक को शहीदों की स्मृति में समाज को समर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा, डॉ. मनप्रीत सिंह भट्टी, रिपी बिंद्रा, परमजीत सिंह चण्डोक, गगनदीप सिंह, गगन सोनी, रविन्दर सिंह, हरविंदर सिंह, जसबीर जुनेजा, नरेन्दर पाल, संदीप सिंह, यश छाबड़ा आदि उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















