कानपुर। जब पारा अपने चरम पर हो और लू के थपेड़े जन-जीवन को बेहाल कर रहे हों, तब समाज के प्रबुद्ध और संवेदनशील लोग ही ‘सेवा’ को अपना धर्म मानते हैं। आज दिनांक 12 जून 2026 को कानपुर के गोलाघाट (नई बस्ती चौराहा) पर कुछ ऐसा ही मानवीय चेहरा देखने को मिला।
माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष और समाजसेवी पंडित जितेन्द्र वाल्मीकि ने अपने कर्मठ साथियों के साथ भीषण गर्मी में राहगीरों और उपेक्षित वर्ग के लिए शरबत वितरण का पुनीत कार्य संपन्न किया।
सेवा और सहयोग की अनूठी पहल शिव पार्क के पास, नया पुल के नीचे आयोजित इस शिविर ने तपती दोपहरी में राहगीरों के सूखे कंठों को राहत पहुँचाई। इस नेक पहल की प्रशंसा करते हुए एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री शिव बहादुर यादव ने कहा, “पंडित जितेन्द्र वाल्मीकि का सेवा भाव अनुकरणीय है। वे निरंतर समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहते हैं।” स्थानीय शुभचिंतकों ने उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ बताते हुए उनके प्रयासों को शहर के लिए प्रेरणा बताया।
”जनसेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इस भीषण गर्मी में एक-दूसरे का हाथ थामकर ही हम इस चुनौती का सामना कर सकते हैं।”
— पंडित जितेन्द्र वाल्मीकि, कार्यकारी अध्यक्ष
सेवा यज्ञ के सारथी (सहभागिता)
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित समाजसेवी कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा:
शिव बहादुर यादव, उमेश चन्द्र, सुरेश कुमार, प्रदीप त्रिवेदी, बीनू पाण्डेय, सुरेन्द्र कुमार, राहुल यादव, राजन शर्मा, विशाल परिहार, बनवारी पासी, अनिल पासी, सूरज कुमार, सुजीत कुमार, कैलाश, राजकमल, सुजीत जयसवाल, पप्पू भाई (टेलर मास्टर), बच्चा, एवं विमल कुमार आदि


















