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हिन्द मजदूर सभा द्वारा श्रमिक समस्याओ के निदान को ज्ञापन सौपा

आपके द्वारा अपेक्षित कानपुर के विजन को साकार करने हेतु आजादी के ‘सौ’ वर्ष पूर्ण होने पर कानपुर का स्वरूप कैसा हो, यहां किस प्रकार रोजगार, सृजन, उद्यमिता, विकास, पर्यटन विकास, कौशल विकास व आर्थिक विकास हो के सम्बन्ध में हिन्द मजदूर सभा निम्न सुझाव प्रेषित करते हुए कानपुर शहर के उज्जवल भविष्य की कामना करता है पुराने जमाने से कानपुर की पहचान एक ‘श्रमिक नगरी’ की जिसे पुरातनकाल में (CAWNPORE) को भारत का मेनचेस्टर कहा जाता था यह विश्व का ख्याति पूर्ण नाम धीरे-धीरे लोप होता चला गया- कारण लाल इमली, धारीवाल, जे.के. जूट मिल, अर्थटन मिल, विक्टोरिया जैसी न जाने कितनी ही धरोहरें बंद पड़ी हैं जिन्हें भविष्य में यदि प्रशासन द्वारा संचालित कर दिया जाये तो कानपुर परिक्षेत्र के पढ़े-लिखे तकनीकी योग्यता वाले बेरोजगार उम्मीदवारों को रोजगार मिल सकेगा साथ ही उत्तर प्रदेश के किसानों को इन मिलों से सम्बन्धित कच्चा माल जूट, कपास आदि पैदा करने का अवसर मिल जाएगा जिससे उनके आर्थिक दशा में सुधार हो सकेगा। साथ ही कानपुर नगरी की विश्व में एक अलग पहचान बन सकेगी कानपुर की उत्तम नगर के पहचान हेतु यहाँ के नागरिकों तथा आने वाले यात्रियों के लिए सुगम यातायात हेतु सड़के होनी चाहिए ताकि सभी को समय की बचत हो सके क्योंकि समय ही बलवान है। ऐसी अवस्था में उत्तर से दक्षिण व पूर्व से पश्चिम तक जाने में समय का अनावश्यक नुकसान न हो साथ ही गंगा नदी के कानपुर परिक्षेत्र के किनारों को पक्की सुन्दर घाट निर्माण हो तथा कानपुर औद्योगिक नगरी हेतु यहाँ गंगा नदी में स्टीमर और जहाजो के संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की जाये इसके अतिरिक्त जाहाजों के रूकने के लिए हैंगर तथा माल लोडिंग अनलोडिंग के लिए स्थान विकसित किया जाये जिससे कोलकाता, पटना, वाराणसी, प्रयागराज के व्यापारियों के आकर्षण का केन्द्र बने तथा यात्रियों हेतु कानपुर से कोलकाता की यात्रा जलमार्ग द्वारा सरल व सुगम हो परिणाम स्वरूप व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह भेजने में सहूलियत हो, इतना ही नही इससे बेरोजगार पीढ़ी को रोजगार भी मिलेगी ललित कला अकादमी कानपुर में होते हुए भी यहाँ सांस्कृतिक नाट्य व ड्रामा से सम्बन्धित कलाकारों को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए रंगमंच प्राप्त नहीं होता, कारण उक्त प्रदर्शन हेतु सरकारी रंगमंच शाला कानपुर नगर में नहीं है उदाहरणतः मर्चेण्ट चैम्बर, लाजपतभवन आदि जो बहुत ही मंहगे और साधारण कलाकरों की पहुँच से दूर है आदर्श नगर की पहचान वहाँ की संस्कृति, साक्षरता, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और एअर पोर्ट से होती है कानपुर के बस स्टेशनों की दशा दयामयी और चिंताजनक है इसको बैंग्लोर बस स्टेशनों की तरह रूट वाइस प्लेटफार्म यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं सहित आधुनिक सुविधाओं युक्त विश्रामालय होने से यह यात्रियों के साथ-साथ पयर्टकों के सुविधा का केन्द्र बन सकेगा। अंत में महोदय से निवेदन है कि भारतीय खाद्य निगम श्रमिक संगठन जिसकी रजिस्ट्रेशन सं0 8395 है जो 1996 से लगातार महामंत्री श्री तारणी कुमार पासवान व अध्यक्ष निजामुद्दीन उर्फ मंटू आ रहे हैं जो कि आपके द्वारा 30/4/2021 का चुनाव (Renewal) नहीं किया गया आपके द्वारा बताया गया कि कोरम पूरा नहीं है जबकि 2021 अप्रैल व मई माह में करोना अपनी तीव्रता पर था, जिसमें प्रशासनिक अध्यादेश के अनुसार लोगो का भीड़ एक स्थान पर 100 लोगो से ज्यादा इक्ट्ठा होने पर प्रतिबन्ध था इस सम्बन्ध में आपके कार्यालय को सूचना पूर्ववत दिया जा चुका है अतः आपसे अनुरोध है कि 30/4/2021 के दो वर्षिय चुनाव भा०खा०नि० श्रमिक संगठन का रिनिउवल करने का कष्ट करें पदाधिकारी तारणी कुमार पासवान मण्डल अध्यक्ष कानपुर योगेन्द्र ठाकुर मण्डल महामंत्री रामा शंकर, विनोद उर्फ़ पप्पू पासवान आदि लोग उपस्थित रहे!

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