उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद निर्दोष व निर्धन कैदियों की रिहाई के लिए कानपुर की माज़ वेलफेयर सोसायटी ने एक पहल जारी की है,,, सोसायटी का मुख्य उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद ऐसे कैदी जिन्हें जमानत मिल गई है, लेकिन वे जमानत की शर्तों का पालन करने में असमर्थता के कारण जेल से बाहर नहीं आ सकते हैं, उनकी मदद कर उनकी रिहाई कराने का मुख्य उद्देश्य है,,
संस्था के सक्रिय सदस्य अख्तर हुसैन अख्तर, एडवोकेट सोहेल जफ़र, एडवोकेट इकरामुलहक़, एडवोकेट मोहम्मद इखलाक अंसारी ने बताया कि हमारी संस्था माज़ वेलफेयर सोसायटी 2015 से जेल में बंद निर्दोष कैदियों की रिहाई के लिए काम कर रही है,, उत्तर प्रदेश की जेलों में बन्द जितने भी निर्दोष कैदी है,, जी गरीबी की वजह से जमानत होने के बाद भी जेल से रिहा नही हो पा रहे है,, उनके परिवार के लोग रुपयों की कमी के कारण पैरवी भी नही कर पा रहे हैं,, जो जेलों में बंद है बिना सुनवाई के ऐसे लोगो को निशुल्क कानूनी सहायता हमारी संस्था के द्वारा दी जाएगी,, और उनकी जेल से रिहाई कराई जाएगी,,,
विचाराधीन कैदियों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे कैदियों पर डेटा एकत्र करने का निर्देश दिया, जिन्हें जमानत मिल गई है, लेकिन वे इसकी शर्तों का पालन करने में असमर्थता के कारण जेल से बाहर नहीं आ सकते हैं। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एएस ओका की बेंच ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य ऐसे कैदियों का डेटा 15 दिन के भीतर कोर्ट को दे। इससे देश की जेलों में बंद लाखों कैदियों की रिहाई का रास्ता खुला है।
यूपी की जेलों में बंद कैदियों की जमानत मंजूर होने के बाद उनकी रिहाई में मदद करेगी माज़ वेलफेयर सोसाइटी


















