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44 करोड़ का फंड छुड़ाने के नाम पर दोस्त ने ही बिकवा दिया प्लॉट और गहने, ठग लिए 2 करोड़ रूपये

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पुलिस महकमे को भी चौंका दिया है। जालसाजों ने न केवल फर्जी दस्तावेज तैयार किए, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बनकर पीड़ित को ऐसा झांसा दिया कि उसने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी, प्लॉट और पत्नी के गहने तक दांव पर लगा दिए।

चकेरी थाना क्षेत्र के गिरिजानगर निवासी उमाशंकर के लिए उनके घर के पास स्थित आदित्य मेडिकल स्टोर का संचालक आदित्य सिंह केवल एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद पड़ोसी था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आदित्य ने उमाशंकर को बताया कि उसका करीब 44 करोड़ रुपए का फंड फंसा हुआ है। उसने दावा किया कि इस फंड को छुड़ाने के लिए एक नई कंपनी बनानी होगी, जिसका नाम SSRA ग्रुप रखा गया। मुनाफे का लालच इतना बड़ा था कि उमाशंकर के साथ-साथ उनके दोस्त अनिल, योगेंद्र, आदित्य गुप्ता और समर शुक्ला भी इस जाल में फंस गए।

ठगी को असली जामा पहनाने के लिए आदित्य ने एक तीसरे व्यक्ति रोहित यादव की एंट्री कराई। रोहित ने खुद को PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) का अधिकारी बताया। उसने उमाशंकर से फोन पर बात की और कहा, अगर आप यह कंपनी खोलेंगे, तो आपका फंसा हुआ पैसा तो आएगा ही, साथ ही खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आपसे मिलने आएंगे।

सत्ता और रसूख के इस झूठे प्रदर्शन से पीड़ित पूरी तरह प्रभावित हो गया। शातिरों ने विश्वास जीतने के लिए फर्जीवाड़े की हदें पार कर दीं। उन्होंने पीड़ित को  Hotmail के जरिए दस्तावेज भेजे,
जिसमे सेंट्रल KYC रजिस्ट्री और डीड, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के फर्जी लेटर, सुप्रीम कोर्ट का कथित जजमेंट, प्रधानमंत्री के नाम से बैंक अकाउंट का लेटर, कंपनी का शेड्यूल और 31 लाख का अकाउंट लेटर शामिल था।

ADCP अंजलि विश्वकर्मा और पीड़ित की FIR के मुताबिक, उमाशंकर ने अगस्त 2021 से नवंबर 2025 के बीच किस्तों में लगभग 2 करोड़ रुपए आदित्य और उसके साथियों को दिए। इसके लिए उमाशंकर ने सनिगवां पुलिस चौकी के पास स्थित अपना कीमती प्लॉट बेच दिया और घर के 15 लाख रुपए के गहने तक बेच डाले।
जब लंबे समय तक न मुनाफा मिला और न ही पीएमओ से कोई संपर्क हुआ, तब उमाशंकर को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया है। वहीं खुद को PMO अधिकारी बताने वाला शातिर रोहित अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

मोहम्मद नईम की रिपोर्ट

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