1-शीत कालीन सत्र का दूसरा दिन…..
नियम 377 अंर्तगत सदन में गूंजा लाल इमली मिल कर्मचारियों के बकाया वेतन का मुद्दा……
– सांसद पचौरी ने कहा : बिना वेतन से 4 वर्षो से श्रमिको का परिवार पहुंचा भुखमरी की कगार पर …..
– वित्तीय वर्ष 2023 से पूर्व श्रमिको के पूर्ण वेतन भुगतान की रखी मांग…
कानपुर 8 दिसंबर। लोकसभा शीत कालीन सत्र के दूसरे दिन नियम 377 अंतर्गत कानपुर सांसद सत्यदेव पचौरी ने भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके लाल इमली श्रमिको के कई वर्षो से बकाया वेतन के मुद्दे को उठाया उन्होंने सदन में विपक्षियों के विरोधी स्वरों को शांत करते हुए मुखर होकर कहा विगत 4 वर्षो से (बी.आइ.सी. )ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन के 650 श्रमिको के वेतन के भुगतान के बावत मा. कपड़ा मंत्री पियूष गोयल का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि विगत 4 वर्षो से श्रमिको का बकाया वेतन का अब तक भुगतान न हो पाने उन श्रमिको के घरों के चूल्हे बुझ चुके है परिवार भुखमरी की कगार तक पहुंच गया है। बीआईसी के अंतर्गत 300 कर्मचारी लाल इमली मिल के है । इन मिल्स को वर्ष 2017 में निति आयोग के निर्णय के बाद बंद किया जा चूका था परन्तु इन मिल्स के कार्यरत श्रमिकों को बकाया वेतन का अब तक पूर्ण भुगतान नहीं हो पाया है जिससे उनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है, इनमे से कई कर्मचारी (लगभग 200 कर्मचारी) रिटायर्ड हो चुके हैं अथवा उनमें से कुछ का देहांत हो चुका है परन्तु उनकी बकाया देय का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है । उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में वे मा. कपड़ा मंत्री से अपने साथी सांसद देवेंद्र सिंह भोले के साथ मुलाकात भी कर चूके है और उन्होंने आश्वस्त किया था की कैबिनेट के निर्णय के बाद इस समस्या का समाधान आगामी फरवरी माह तक कर दिया जायेगा।
जिस बात को पुनः सदन में अपनी बात रखते हुए उन्होंने लाल इमली कर्मचारियों का बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान करवाने का आग्रह किया ।


















