कानपुर नगर। जगदंबा गेस्ट हाउस, जी.टी. रोड, कानपुर में सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष बार एसोसिएशन की कार्यकारी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में लगभग 350 से अधिक सम्मानित सदस्यों की सहभागिता रही।
बैठक का प्रथम सत्र उद्घाटन सत्र के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें लखनऊ पीठ के जीएसटी अधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यद्यपि जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण का गठन वर्षों के पश्चात हुआ है, तथापि अधिवक्ता समाज पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत न्याय की अपेक्षा रख सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि—
प्रत्येक प्रकरण में प्रस्तुत तथ्यों एवं लिखित पक्ष का गंभीर परीक्षण किया जाएगा।
यदि राहत दी जाएगी तो उसका विधिक आधार स्पष्ट किया जाएगा।
यदि राहत नहीं दी जा सकेगी तो उसका कारण भी आदेश में स्पष्ट रूप से अंकित होगा।
उच्चतर मंचों पर अपील केवल विधिक बिंदुओं पर ही विचारणीय होगी।
उद्घाटन सत्र के उपरांत वरिष्ठ एवं दीर्घकाल से सक्रिय अधिवक्ताओं का सम्मान भी किया गया।
तकनीकी सत्र में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पधारे विद्वान अधिवक्ता निशांत मिश्रा ने महत्वपूर्ण विधिक बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उच्च न्यायालय के नियमों, धारा 140 तथा माल परिवहन संबंधी प्रावधानों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उनके व्याख्यान से उपस्थित अधिवक्ताओं को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण, अधिवक्ता हित संरक्षण एवं न्यायिक प्रक्रिया में सुधार संबंधी प्रस्ताव प्रमुख रहे।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आर.पी. जैसवाल, उपाध्यक्ष विक्रम चावला, राजीव अग्रवाल,अजय गुप्ता, महामंत्री डी के शर्मा सहित विभिन्न प्रांतों से पधारे पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष एस.पी. सिंह, सेमिनार कमेटी के चेयरमैन वी.के. शुक्ला, को-चेयरमैन आलेख अग्रवाल, महामंत्री अवनीश मिश्रा, कार्यक्रम के एम.ओ.सी. देवेंद्र डंग, पूर्व अध्यक्ष एवं सेमिनार कमेटी के मुख्य संयोजक संतोष कुमार गुप्ता सहित लगभग 350 सदस्यों ने सहभागिता की।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















