उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का एक दिवसीय मण्डलीय अधिवेशन सम्पन्न।
कानपुर शनिवार। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का एक दिवसीय मण्डलीय अधिवेशन गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज सभागार में सम्पन्न हुआ।
मुख्य वक्ता श्री रामाशीष जी वरिष्ठ प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सभागार में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकार एवं कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू है, संगठन के कार्यकर्ता शिक्षक इनका पालन करते हुए राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करेंगे। ऊन्होने कहा संगठन स्वयं इतना सजग है कि वह अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को सही मायने में सक्षम स्तर तक पहुंचा सकता है। उन्होंने प्राचीन काल से अब तक शिक्षकों के कार्य को सर्वोत्तम श्रेणी का बताया।
विशिष्ट अतिथि माननीय सांसद श्री देवेंद्र सिंह भोले ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी किसी भी समस्या के समाधान के लिए वे शासन स्तर तक बात पहुंचाएंगे उन्होंने ने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति का साधन ही गुरु है।
प्रदेश संरक्षक श्री भगवान शंकर त्रिवेदी ने संगठन के स्थापना वर्ष 1956 से अब तक संगठन द्वारा संघर्ष से प्राप्त उपलब्धियों के बारे में युवा शिक्षकों को बताया।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया की वित्तविहीन शिक्षकों की नियमावली व निश्चित मानदेय की चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम संयोजक एवम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ शैलेंद्र द्विवेदी ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त रखने, सीबीएससी एव आईएससी विद्यालयों के शिक्षकों कों केशल्सस मेडिककल योजना से आच्छादित किया जाने, छात्र संख्या में वृद्धि एवं समस्त शिक्षकों व कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना दिए जाने, धारा 12,18 एवम 21 को पुनः बहाल करने, नगर निगम के शिक्षकों,व्यावसायिक एवम कंप्यूटर शिक्षकों की समस्याओं पर सदन में खुली चर्चा की।
कानपुर मंडल के समस्त जनपदों के इस वर्ष सेवानिवृत्त 150 शिक्षक, प्रधानाचार्य हुए सम्मानित।
यश शेष शिक्षक नेता श्रीकांत द्विवेदी शिक्षक रत्न पुरस्कार प्रदेश में एक मात्र जनपद हमीरपुर के चित्र गुप्त इंटर कॉलेज राठ के प्रधानाचार्य डॉ सत्य नारायण परिहार को दिया गया।
संगठन के ध्वज वाहकों के रूप मे 74 शिक्षक नेताओं, कार्यकर्ताओं पर पुष्प वर्षा कर उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन व माँ सरस्वती की वंदना रामदेवी रामदयाल बालिका विद्यालय की छात्राओं व शिक्षिका श्रीमती अर्चना मिश्रा, उत्तम अवस्थी द्वारा संपादित किया गया।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से डॉ दिलीप सरदेसाई, नंद कुमार मिश्रा, रमाशंकर तिवारी, हरिनाथ पांडेय, आर.पी.द्विवेदी, राजेन्द्र दुबे,मोहित पांडेय, बृज भूषणमिश्रा, आर. सी. पांडेय, गोपाल शरण सिंह सेंगर, के.के.वर्मा,सुनीत वर्मा, अवधेश कटियार, सुष्मित मिश्रा, प्रो. अनिल मिश्रा,जयराम बाबू, शैलेन्द्र सिंह गौर, जयकरण निषाद,जेके सिंह, डॉ गीता सिंह, डॉ रतन लाल, मुनेश्वर सिंह,शेखर चौधरी, रोहित कन्नौजिया, अखिलेश कुशवाहा, मायाराम, अमित सैनी, सुरेश मिश्रा,नीतू शर्मा,नीरजा मिश्रा, चित्रांशी सिंह, खुसविन्दर कौर, शिवेंद्र सिंह भदौरिया, दिलीप कुमार मिश्रा, राजेन्द्र पाल, गगन कटियार,जसमीत कौर, ममता सिंह, मधुर द्विवेदी, गरिमा द्विवेदी, अनिता सिंह, शिखा, शशि प्रभा, समेत 1100 शिक्षक/शिक्षिकाओं ने अधिवेशन में प्रतिभाग किया ।
दिलीप मिश्रा की रिपोर्ट


















