अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ कानपुर नगर द्वारा प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। दिए गए ज्ञापन में शिक्षक नेता राजेश तिवारी एवं योगेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बीते 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के क्रम में पूर्व से कार्यरत लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता अर्थात सेवा एवं नियमावली सेवा शर्तों को पूर्ण करने वालों पर भी टेट अनिवार्यता को मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए निरस्त करना चाहिए। अपनी 12 सूत्रीय मांगों में शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 1986 से वर्ष 1997 तक लाखों शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता 12वीं पास एवं बीटीसी अर्थात टीईटी पास करने हेतु आवेदन नहीं कर सकते हैं। मृतक आश्रित अध्यापकों की शैक्षिक योग्यता इंटर अर्थात अप्रशिक्षित होने के कारण टीईटी उत्तीर्ण नहीं हो सकते। तमाम शैक्षिक योग्यता 12वीं पास वाले शिक्षक नौकरी कर रहे हैं,साथ ही शिक्षकों द्वारा दो वर्ष में विधिक रूप से स्नातक नहीं कर सकते। इसके कारण टीईटी का आवेदन नहीं हो पाएगा अर्थात इसके चलते नौकरी समाप्त हो जाएगी और उनके परिवार भुखमरी पर आ जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अभय मिश्रा नीरज तिवारी विकास तिवारी राधेश्याम सुनील वर्मा अनुग्रह त्रिपाठी रामकुमार त्रिपाठी उपेश गौतम अमरेश मिश्रा सुनील बाजपेई जितेंद्र कुमार मनीष कुमार अर्चित शुक्ल दिनकर त्रिवेदी राजा भरत अवस्थी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
देवेश तिवारी की रिपोर्ट


















