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नोएडा में जारी आंदोलन को समर्थन करते हुए श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा

कानपुर। श्रमायुक्त कार्यालय सर्वोदय नगर में आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही एवं हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं भारतीय खाद्य निगम मजदूर सभा के राष्ट्रीय महामंत्री तारणी पासवान के नेतृत्व में नोएडा के आंदोलनरत मजदूरों पर लाठी, गोली चलाने और आंदोलन को कुचलने के लिए आरएएफ व पी ए सी का प्रयोग किए जाने की कार्यवाही बेहद निंदा करते हुए प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। सभा को सम्बोधित करते हुए तरनी पासवान ने कहा कि श्रम और पारिश्रमिक कि लूट पर रोक लगाने तथा जीवन जीने लायक वेतन कि गारंटी के साथ बेहतर कार्य स्थिति, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी न करके सरकार मजदूरों के दमन पर उतारू है। एलपीजी और जरूरी सामानों की कीमतों में वृ‌द्धि और भुखमरी के स्तर वाले वेतन के कारण नोएडा की विभिन्न कंपनियों में मजदूर लगातार आंदोलनरत हैं। पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कंपनी मालिक मजदूरों को मात्र ग्यारह-बारह हजार मासिक पर 12-12 घंटे काम करने के लिए मजबूर करते आए हैं। एनसीआर के मजदूर पक्की नौकरी, ई.इस.आई, पी.एफ., बोनस, ओवरटाइम इत्यादि जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। पुलिसिया दमन के बावजूद मजदूर लगातार आंदोलनरत है। परंतु मजदूरों की मांगों को बातचीत और सुनवाई की जगह उत्तर प्रदेश सरकार ने भारी मात्रा में रैपिड एक्शन फोर्स, सहित अन्य सुरक्षा बलों के साथ फैक्ट्री मालिकों की गुंडा के साथ पुलिस बल उतारकर लाठीचार्ज आंसू गैस और गोली चलाने की बर्बर कार्यवाही की खुली छूट दे दी है। महिला मजदूरों के साथ अमर्यादित व्यवहार के साथ और मजदूरों एवं ट्रेड यूनियन नेताओं की अधाधुंध गिरफ्तारी जारी हैं।मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं और मजदूरों को कानूनी मदद करने के लिए गए वकीलों तक को नोएडा पुलिस ने अपना निशाना बनाया है। सरकार अपनी कमियों को छिपाने और मजदूरों का शोषण करने वाले पूंजीपतियों की काली करतूतों को पर्दा डालने के लिए जीवन जीने लायक वेतनमान की मांग को पूरा करने के बजाय आंदोलन को बदनाम करवा रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे चार श्रम कोड कानूनों को वापस लेने की मांग की है। तारणी पासवान ने बताया कि लेबर कोड कानूनों के खिलाफ देशभर में कई हड़तालें हो चुकी हैं, परंतु केंद्र की मोदी सरकार ने अभी तक मजदूरों की एक भी मांग मानने से इंकार कर दिया है। देश के कई अन्य हिस्सों में 12 घंटे के कार्य दिवस को थोपने के खिलाफ, ओवरटाइम काम के लिए डबल रेट से पेमेंट करने, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने जैसी मांगों को लेकर मजदूर निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। योगी सरकार की पुलिस मजदू‌रों के खिलाफ भारी हिंसा पर आमादा है। निरंतर चल रहे प्रदर्शनों से यह बात साफ है कि मजदूरों ने कॉरपोरेट मुनाफाखोरों और डबल इंजन की सरकारों के गठजोड बेनकाब कर दिया है। आज हम सब नोएडा (गौतमबुद्ध नगर के संघर्ष रत श्रमिको के न्यायोचित आंदोलन का समर्थन करते हुए उन पर जारी दमन रोकने की मांगे करते हैं।
इस अवसर पर तरनी पासवान,मो.जैदी योगेश ठाकुर , राजेश सिंह,राम प्रकाश राय, राणा प्रताप सिंह,मदन पासवान, कैलाश पासवान सहित भारी संख्या में जुटे श्रमिकों ने प्रदर्शन करते हुए आंदोलन का समर्थन किया।

देवेश तिवारी की रिपोर्ट

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