एडीसीपी ट्रैफिक कपिल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में अवैध दुकानों, ठेलों, होटल संचालकों और अव्यवस्थित खड़े वाहनों को हटाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, और कई लोग मौके से अपना सामान समेटते नजर आए।
टीआई राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जाजमऊ चौराहे पर लगने वाले जाम को खत्म करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। दुकानदारों और ठेला संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने दोबारा सड़क या फुटपाथ पर कब्जा किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान, एडीसीपी के निर्देश पर चौराहे से 100 मीटर तक “लक्ष्मण रेखा” का सीमांकन भी किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस दायरे में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण भविष्य में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठे हैं। स्थानीय राहगीरों अजय यादव, शमशेर आलम और राहुल ने आरोप लगाया कि छोटे दुकानदारों और वाहन चालकों पर सख्ती बरती गई, लेकिन हाईवे किनारे खड़ी आधा दर्जन क्रेनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि ये क्रेनें लंबे समय से सड़क पर खड़ी होकर यातायात बाधित करती हैं, जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
मोहम्मद नईम की रिपोर्ट



















